खेरवाड़ा। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत जवास स्थित सुवेरी बाई पद मार्ग पर सोम नदी के ऊपर बना पुल आज अपनी बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी की कहानी बयां कर रहा है। पुल का निर्माण कार्य पूरा हुए लगभग एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण 'सुरक्षा रेलिंग' आज भी नदारद है। यह लापरवाही न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ी कर रही है, बल्कि पुल से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों के जीवन को भी खतरे में डाल रही है।

स्थानीय निवासियों और ग्राम पंचायत जवास के प्रशासक रमेश चंद्र मीणा के अनुसार, यह पुल आवागमन का एक मुख्य जरिया है, जहां से प्रतिदिन दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों का निरंतर दबाव बना रहता है। पुल के दोनों ओर रेलिंग का अभाव किसी भी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है। ग्रामीणों का कहना है कि विशेषकर रात्रि के अंधेरे और बरसात के मौसम में फिसलन होने के कारण यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। अब तक कई बार संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार ग्रामीणों के हाथ केवल निराशा ही लगी है।

इस पूरे मामले पर विभागीय दृष्टिकोण जानने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संजय वीराना से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उनका फोन 'नो रिप्लाई' होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। प्रशासनिक चुप्पी और विभागीय सुस्ती ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेलिंग के अभाव में कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने शासन और प्रशासन से जनहित में अविलंब संज्ञान लेते हुए सुरक्षा रेलिंग का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली संभावित जनहानि को टाला जा सके।

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Pratahkal Bureau

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