मलबे से जाम एमबीसी पुलिया बनी बड़ा खतरा, मानसून में फिर टूट सकता है मार्ग; ग्रामीणों ने तत्काल सफाई की मांग
खेरवाड़ा में मलबे और गाद से जाम एमबीसी पुलिया मानसून से पहले चिंता का कारण बनी है। ग्रामीणों ने सड़क टूटने और आवागमन बाधित होने से बचाने के लिए तत्काल सफाई की मांग की।

खेरवाड़ा में एमबीसी पुलिया पर जमा मलबा और गाद, जिसके कारण पानी की निकासी बाधित है।
खेरवाड़ा कस्बे में विद्या निकेतन विद्यालय से आगे स्थित एमबीसी पुलिया मलबा और गाद जमा होने के कारण लगभग पूरी तरह बंद हो चुकी है। बरसात के मौसम में कम वर्षा होने पर भी पानी की निकासी बाधित होने से पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगता है, जिससे एक बार फिर सड़क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी कारण पुलिया के ऊपर से पानी बहा था, जिसके चलते एमबीसी गेट के आगे का सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की सफाई कर उसमें जमा मलबा नहीं हटाया गया तो इस मानसून में भी पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है। इससे सड़क मार्ग को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि सड़क दोबारा टूटती है तो कारछा, जवास, झूंथरी, सुवेरी सहित आसपास के कई गांवों का खेरवाड़ा मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाएगा। ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों तथा आम नागरिकों को बायडी होकर लंबा चक्कर लगाकर खेरवाड़ा आना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की अनावश्यक बर्बादी होगी।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करते हुए जनहित में एमबीसी पुलिया से तत्काल मलबा हटाने और पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर मानसून के दौरान पिछले वर्ष जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति हो सकती है, जिससे सड़क मार्ग और ग्रामीणों की आवाजाही दोनों प्रभावित होंगी।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
