खेरवाड़ा के ग्राम पंचायत करनाउआ के राजस्व गांव उपला फला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के वर्षों से अधूरे पड़े भवन निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर सरपंच/प्रशासक हेमंत मीणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) खेरवाड़ा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि विद्यालय के लिए दो कक्षों के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2019 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिली थी। लगभग 9.40 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य 6 मार्च 2019 को प्रारंभ हुआ था तथा 6 दिसंबर 2019 तक इसे पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था। इसके बावजूद करीब 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि अधूरे भवन के कारण विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बैठने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय प्रशासन एवं ग्रामीणों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया।

ज्ञापन में विद्यार्थियों के हित को देखते हुए विद्यालय भवन का शेष निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अभिभावक एवं ग्रामीण विद्यालय पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अधूरे विद्यालय भवन को लेकर ग्रामीणों की यह मांग अब प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा में है।

Updated On
Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।

वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

Next Story