राबाउमावि बजीरपुरगेट में सम्पन्न हुई एल-वन शिक्षकों की तृतीय क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला, निपुण राजस्थान पर हुआ फोकस
करौली स्थित राबाउमावि बजीरपुरगेट में एल-वन शिक्षकों की तृतीय क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें निपुण राजस्थान, प्रखर राजस्थान अभियान, एफएलएन तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने सीखने के परिणाम सुधारने और निपुण मेला आयोजन पर विशेष जोर दिया।

करौली के राबाउमावि बजीरपुरगेट परिसर में शुक्रवार को एल-वन शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित तृतीय क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। ग्राम पंचायत हरनगर, रामपुर धाबाई और शहरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी व गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य मिथलेश शर्मा और प्रभारी जगमोहन जाटव ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत से ही शिक्षण कौशल, शैक्षिक नवाचार और बच्चों की मूलभूत सीखने की क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित संवाद ने वातावरण को गंभीर और प्रभावी बना दिया।
प्रथम सत्र में दक्ष प्रशिक्षक गिरधारीलाल नामा ने राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप निपुण राजस्थान अभियान और प्रखर राजस्थान के 90-दिवसीय रीडिंग अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इन अभियानों का लक्ष्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पढ़ने-लिखने और संख्याज्ञान संबंधी क्षमताओं को दिशा देने का है, जिससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई मिले।
द्वितीय सत्र में यशवेंद्र शर्मा ने सूचना-संवाद, एफएलएन, निपुण भारत मिशन, पैडागॉजी, शिक्षण पद्धति तथा भाषा एवं संख्या ज्ञान के विभिन्न आयामों पर व्यापक प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि सीखने की प्रक्रिया को सरल, वैज्ञानिक और बच्चे-केंद्रित बनाना ही आधुनिक शिक्षा का मूल उद्देश्य है।
निरीक्षण के दौरान एसीबीईओ शिवराम गुर्जर ने कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों में एफएलएन—बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान—की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि इस स्तर के बच्चों को पढ़ने, लिखने और गणितीय क्रियाओं जैसे जोड़, बाकी, गुणा और भाग पर दक्षता प्राप्त होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को एबीएल किट तथा शिक्षक एप का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने और आगामी दिसंबर में निपुण मेला आयोजित करने के निर्देश दिए।
डाइट व्याख्याता वर्षा ने कहा कि प्रखर राजस्थान अभियान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और शिक्षकों की भूमिका इसमें निर्णायक है। उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कार्यशाला में सीखी गई विधियों को कक्षा में लागू कर विद्यार्थियों को निपुण बनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला में गंगाराम प्रजापत, राजेश जाटव, ओमप्रकाश शर्मा, सतवीर जाट, वीरसिंह गुर्जर, मनोज कुमार गुप्ता, नीलम मीना, वैजयंती शर्मा, जगदीश शर्मा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम शिक्षण गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के सार्थक संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ, जिसने क्षेत्रीय शिक्षा को नई दिशा देने की उम्मीद जगाई है।
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