करौली जिले में शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को जिला कलक्टर एवं जिला निष्पादन समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की सराहना के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों और संस्थाप्रधानों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह बैठक जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक जवाबदेही और राज्य स्तर पर बेहतर रैंकिंग सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में सामने आई।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल प्रसाद मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में शिक्षा विभाग के सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, साथ ही अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने करौली जिले द्वारा राज्य स्तर की रैंकिंग में पांचवां स्थान प्राप्त करने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आधार अपडेटेशन में अत्यंत न्यून प्रगति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने 61 प्रधानाचार्यों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 17 सीसीए के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही मिशन स्टार्ट योजना के अंतर्गत कार्य में शिथिलता पाए जाने पर पांच मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों—प्रभुदयाल बैरबा (मासलपुर), लखन लाल मीना (सपोटरा), कमलराम मीना (नादौती), मुकेश मीना (मंडरायल) एवं श्रीमती आशा गुप्ता (टोडाभीम)—को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। उन्हें निर्देशित किया गया कि अधीनस्थ विद्यालयों से संबंधित सभी पोर्टल अपडेट समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किए जाएं।

बैठक में डाइट करौली का मामला भी प्रमुखता से उठा। शाला सम्बलन योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति नहीं होने पर डाइट करौली के प्रधानाचार्य के विरुद्ध भी राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के अंतर्गत कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में शाला सम्बलन से जुड़े सभी लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी गई।

जिला निष्पादन समिति की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति शिक्षक ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए और शिक्षकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाए। आगामी माह में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता, अनुशासन और निगरानी के साथ संपन्न कराई जा सकें।

इसके अतिरिक्त, विद्यालय परिसरों में हो रहे अतिक्रमणों को गंभीर समस्या बताते हुए जिला कलक्टर ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने उपखंड अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही इसकी प्रगति की जानकारी आगामी बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया।

यह बैठक करौली जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासनिक सख्ती के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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