हिण्डौन सिटी जेल में सनसनी: फिल्मी स्टाइल में छत फांदकर भागा बंदी, प्रशासन के हाथ-पांव फूले
हिण्डौन सिटी उपकारागृह में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर विचाराधीन बंदी शकील खान छत के रास्ते फरार हो गया। सट्टे के मामले में बंद आरोपी ने पेड़ के सहारे दीवार लांघी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एसडीएम हेमराज गुर्जर और एएसपी सत्येंद्र पाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है। पढ़ें पूरी खबर।

हिण्डौन सिटी। करौली जिले के हिण्डौन सिटी उपकारागृह से गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। महज दो दिन पहले जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे एक विचाराधीन बंदी ने दिनदहाड़े जेल प्रशासन को चकमा दिया और छत के रास्ते कूदकर फरार होने में सफल रहा। इस दुस्साहसिक फरारी के बाद जेल महकमे से लेकर पुलिस प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है और पूरे इलाके में नाकाबंदी कर सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है।
घटना सुबह करीब 11 बजे की है, जब जेल परिसर के चौक में रोजमर्रा की तरह सफाई का कार्य चल रहा था। जानकारी के अनुसार, टोडाभीम के काजीपाड़ा निवासी शकील खान, जिसे हाल ही में 20 जनवरी को जुआ-सट्टे के मामले में जेल भेजा गया था, चौक में झाड़ू लगा रहा था। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों की नजर बचाकर शकील खान ने गच्चा दिया और फुर्ती से छत पर जा चढ़ा। वहां से उसने पास ही स्थित एक पेड़ का सहारा लिया और ऊंची दीवार लांघकर बाहर कूद गया। जब तक जेल प्रहरियों को भनक लगती, बंदी उनकी नजरों से ओझल हो चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिण्डौन सिटी के प्रशासनिक और पुलिस अमले ने मोर्चा संभाल लिया है। सूचना मिलते ही एसडीएम हेमराज गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह और डीएसपी मनीष कुमार मीणा तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि बंदी शकील खान ने पेड़ के सहारे उतरकर भागने का रास्ता चुना। फिलहाल पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जेल जैसी संवेदनशील जगह से एक बंदी का इस तरह भाग निकलना सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस फरारी में बंदी को किसी बाहरी व्यक्ति की मदद मिली थी या फिर यह जेल प्रहरियों की लापरवाही का नतीजा है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शकील खान को जल्द से जल्द दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाना है ताकि कानून व्यवस्था और जेल की साख पर लगे इस दाग को धोया जा सके।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
