करौली में 'सट्टाकिंग' की अवैध संपत्ति पर गरमाई सियासत: भाजपा ने घेरा कलेक्ट्रेट, बुलडोजर कार्रवाई के लिए दिया अल्टीमेटम
करौली में सट्टाकिंग और दंगों के आरोपी अमीमुद्दीन की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग तेज हो गई है। भाजपा जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन के नेतृत्व में भाजपाइयों ने जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने भी 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन की सीलिंग कार्रवाई से असंतोष के बाद अब कलेक्ट्रेट में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ।

करौली। राजस्थान के करौली जिले में अपराध और अवैध संपत्तियों के खिलाफ जनआक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा किंग और 2 अप्रैल के दंगों के मुख्य सूत्रधार माने जाने वाले अमीमुद्दीन उर्फ अमीन खान की अवैध संपत्तियों पर प्रशासन की सुस्त कार्रवाई ने जिले के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। पूर्व नगर परिषद सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीमुद्दीन द्वारा अंबेडकर सर्किल के पास अनैतिक तरीके से पट्टा जारी करवाकर बनाई गई बहुमंजिला इमारत को जमींदोज करने की मांग अब जोर पकड़ चुकी है।
इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद के माध्यम से उक्त संपत्ति को महज 180 दिनों के लिए सीज करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन के इस कदम से आरटीआई कार्यकर्ता और हिंदूवादी संगठन पूरी तरह असंतुष्ट नजर आए। आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने इस 'नरम' कार्रवाई को नकारते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर इस अवैध ढांचे पर बुलडोजर नहीं चलाया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। 14 जनवरी, बुधवार को दी गई इस चेतावनी के बाद गुरुवार सुबह जिले की सियासत में बड़ी हलचल देखी गई।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर धावा बोला। भाजपाईयों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि दंगों और सट्टेबाजी के मास्टरमाइंड की अवैध संपत्ति को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए इस इमारत पर अविलंब बुलडोजर चलाया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रशासन नियम विरुद्ध किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा। कलेक्टर ने तत्काल नगर परिषद आयुक्त से इस फाइल पर चर्चा की और साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह 'शीघ्र कार्रवाई' प्रदर्शनकारियों के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर कितनी खरी उतरती है, क्योंकि इस मामले ने अब न केवल प्रशासनिक बल्कि एक गहरा राजनीतिक रूप भी ले लिया है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
- टीएनआई आवाज
- समाचार प्लस
- न्यूज भारत
- दैनिक भास्कर डिजिटल
- पब्लिक एप
- शुरू एप
- करौली नायक (दैनिक समाचार पत्र)
- राजस्थान की राजनीति (दैनिक समाचार पत्र)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
