जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों की बढ़ती आशंकाओं के बीच मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव से जुड़ा एक मामला सामने आया, जिसने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भागवत कथा के समापन अवसर पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर ग्रामीणों ने नकली होने का संदेह जताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया और खाद्य सुरक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, काछीपुरा गांव में आयोजित भंडारे के लिए हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म से ‘सोना सिक्का’ ब्रांड के 100 पीपे रिफाइंड तेल खरीदे गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें ब्रांडेड तेल के नाम पर संदिग्ध और संभवतः नकली उत्पाद उपलब्ध कराया गया।

मामला उस समय तूल पकड़ गया जब आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने रिफाइंड तेल के पैकेजिंग में कई विसंगतियां देखीं। ग्रामीणों के अनुसार, पीपों के बाहरी गत्ते पर ‘एस ओ एन ए’ अंकित था, जबकि अंदर मौजूद पीपों पर ‘एस ओ एन ए ए’ लिखा हुआ पाया गया। इसके अलावा बाहरी रैपर पर ‘सिंस 1984’ अंकित था, जबकि पीपों पर ‘1894’ लिखा हुआ दिखाई दिया। इन विरोधाभासों के चलते ग्रामीणों को उत्पाद की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण संदिग्ध रिफाइंड तेल के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित दुकान पर पहुंचे, जहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

आयोजन समिति के सदस्य दिनेश सैनी ने बताया कि 18 जून को भंडारे की प्रसादी के लिए चीनी, घी, चना दाल, पोहा, चावल सहित कुल 3 लाख 37 हजार 309 रुपये की सामग्री खरीदी गई थी। इसमें लगभग 3 लाख रुपये मूल्य के 100 पीपे रिफाइंड तेल शामिल थे।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। खाद्य सुरक्षा विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को प्राप्त शिकायत के निर्देश पर विभागीय टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान एक पिकअप वाहन में रखे करीब 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाए जाने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई।

विभाग ने एक पीपे को नमूने के रूप में जब्त कर लिया है, जिसे गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, फिलहाल यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि संबंधित रिफाइंड तेल के सभी पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जहां ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे थे।

अब पूरे मामले की निगाहें प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेगी कि भंडारे में उपयोग के लिए खरीदा गया रिफाइंड तेल वास्तव में मानकों के अनुरूप था या फिर ग्रामीणों का संदेह सही साबित होता है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस प्रकरण ने एक बार फिर बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli

Rajendra Kumbhakar, Karauli

नाम: राजेन्द्र प्रसाद कुम्भाकर

वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा

परिचय 

राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:

  • टीएनआई आवाज
  • समाचार प्लस
  • न्यूज भारत
  • दैनिक भास्कर डिजिटल
  • पब्लिक एप
  • शुरू एप
  • करौली नायक (दैनिक समाचार पत्र)
  • राजस्थान की राजनीति (दैनिक समाचार पत्र)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

Next Story