करौली जिले के टोडाभीम मुख्यालय पर बुधवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध पैथोलॉजी लैब और बिना योग्यताधारी झोलाछाप चिकित्सकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया कि अब बिना मानकों के मेडिकल गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। करौली जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण (सीईए) और सीएमएचओ डॉ. जयंतीलाल मीना के नेतृत्व में की गई इस अचानक छापेमारी ने क्षेत्र में संचालित कई लैब संचालकों की पोल खोल दी।

निरीक्षण के दौरान टीम सबसे पहले अस्पताल के सामने चल रही प्रशांत लैब पर पहुँची, जहाँ न तो पंजीकृत चिकित्सक मिला और न ही आवश्यक दस्तावेज। क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में तय प्रावधानों की पूर्ति नहीं होने पर लैब को तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि ऐसे अवैध संचालन पर विभाग जुर्माना लगाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुहिम यहीं नहीं रुकी। जांच टीम जब श्री बालाजी लैब, राज एक्स-रे एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, श्री गणेश डायग्नोस्टिक सेंटर और श्री राधा कृष्ण डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची तो सभी संचालक निरीक्षण शुरू होते ही दुकान बंद कर फरार हो गए। विभाग अब इन संस्थानों पर भी नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

टोडाभीम रोड भैंसा पर कथित डॉक्टर गुरुदयाल और शौकीन खान द्वारा संचालित झोलाछाप गतिविधियों का भी भंडाफोड़ किया गया। टीम ने दोनों को अवैध चिकित्सा कार्य तुरंत बंद करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत सख्त दंड तय है।

इस कार्रवाई में पीसीपीएनडीटी समन्वयक नगीना शर्मा और डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त मुहिम ने स्पष्ट कर दिया कि अब जिले में बिना मानक और बिना पंजीकरण चिकित्सा कार्य नहीं चलने दिए जाएंगे।

Pratahkal Bureau

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