करौली। जिले में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालातों को लेकर पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने आज कड़ा बयान दिया। उन्होंने जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम के हालिया वक्तव्य पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रभारी मंत्री की कथनी और हकीकत में भारी अंतर है। जबकि मंत्री ने दावा किया था कि "अपराधी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा और कोई सिफारिश नहीं चलेगी," रमेश मीणा ने आरोप लगाया कि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है और जिले में पुलिस ही अपराधियों को संरक्षण दे रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि जिले में हत्या, अपहरण, बलात्कार और अवैध भूमि कब्जे जैसी घटनाओं में आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में सत्ताधारी दल के नेता अपराधियों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं और पुलिस उनके दबाव में अपराधियों तक नहीं पहुँच पा रही है। रमेश मीणा ने विशेष रूप से पिछले दिनों हुई हत्याओं और शव पेड़ पर लटकाने की घटनाओं का जिक्र किया, जहां परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं लेकिन पुलिस न तो मामलों का खुलासा कर पाई है और न ही आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि जिले में बड़े पैमाने पर स्मैक तस्करी हो रही है और युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आकर बर्बाद हो रही है। अपराधी खुलेआम अवैध हथियार रखते हुए वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसके अलावा पुलिस संरक्षण में अवैध बजरी और खनन का कारोबार भी फल-फूल रहा है, जबकि जमींदार और वाहन मालिक परेशान हैं।

रमेश मीणा ने चेतावनी दी कि यदि जिले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और अपराधियों पर लगाम नहीं कसी गई, तो वे धरना प्रदर्शन के लिए भी बाध्य होंगे। उनका कहना है कि वर्तमान कानून व्यवस्था से आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।

पूर्व मंत्री के बयान ने जिले में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story