करौली: सिस्टम की बेशर्मी! भरतून में मुर्दे कर रहे मनरेगा में मजदूरी, मृतक के खाते से सरकारी राशि का गबन
करौली के सपोटरा में मनरेगा घोटाला: भरतून ग्राम पंचायत में मृतक चिरंजी को जिंदा दिखाकर मस्टरोल भरने और सरकारी राशि के गबन का सनसनीखेज मामला। जीवित व्यक्ति रोजगार को तरस रहे हैं और अधिकारी मुर्दों के नाम पर कमीशनखोरी कर रहे हैं। पढ़िए भ्रष्टाचार की इस पराकाष्ठा की पूरी रिपोर्ट।

करौली। राजस्थान के करौली जिला मुख्यालय पर सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समूचे प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक ओर जहां जीवित श्रमिक रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सपोटरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भरतून में भ्रष्टाचार का खेल इस कदर हावी है कि फाइलों में मुर्दे न केवल काम कर रहे हैं, बल्कि उनके नाम पर सरकारी बजट का बंदरबांट भी किया जा रहा है। कमीशनखोरी की इस दीमक ने सरकारी सिस्टम को भीतर से खोखला कर दिया है, जहाँ अधिकारियों की मिलीभगत से मृत व्यक्तियों के मस्टरोल भरकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत भरतून में मनरेगा योजना के तहत खिदरपुर निवासी चिरंजी, जिनकी मृत्यु काफी समय पूर्व हो चुकी है, उन्हें कागजों में जिंदा दिखाकर उनसे कार्य कराया जा रहा है। हैरतअंगेज तथ्य यह है कि मेट ने न केवल मृतक चिरंजी की उपस्थिति मस्टरोल में दर्ज की, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों और कार्मिकों से साठगांठ कर मृतक के बैंक खाते में मजदूरी की राशि हस्तांतरित करवाकर उसे निकाल भी लिया। यह पूरा प्रकरण सपोटरा पंचायत समिति के विकास अधिकारी की कार्यप्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि बिना उच्च स्तर की मौन सहमति के इस तरह का संगठित भ्रष्टाचार संभव नहीं है।
मामला सार्वजनिक होने के बाद अब इसे दबाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, संलिप्त अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए आनन-फानन में रिकॉर्ड बदलने और नए 'प्लान' बनाने की कानाफूसी में जुटे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी तंत्र पर सरकार का अंकुश कमजोर होने के कारण आला अधिकारी इन भ्रष्ट 'पुजारियों' पर लगाम कसने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। यह विडंबना ही है कि जिस योजना को गरीबों के कल्याण के लिए बनाया गया था, वह अब कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुकी है। यदि समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो सिस्टम के प्रति आम जनता का विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
