करौली। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती रतनपुर गाँव में सनातन धर्म और अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ चतुर्वेदी परिवार द्वारा आयोजित शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ रविवार को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हो गया। इस भव्य धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं एवं विशिष्ट अतिथियों ने पंगत प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।

इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य आयोजक रतन कुमार चतुर्वेदी, लीलाधर चतुर्वेदी, गोविंद चतुर्वेदी, दयानंद चतुर्वेदी, नित्यानंद चतुर्वेदी एवं सियानंद चतुर्वेदी रहे। आयोजन के दौरान ज्ञान की गंगा बहाते हुए विद्वान पंडित गिरधारी लाल शर्मा और आचार्य माधव चतुर्वेदी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण का सस्वर पाठन किया गया, जिसके दिव्य प्रसंगों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित गणपत लाल शर्मा ने शिव परिवार की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान संपन्न कराया।





इस आध्यात्मिक समागम के समापन समारोह में संतों और प्रबुद्ध जनों का जमावड़ा रहा। समारोह में ध्रुव घटा से पधारे संत हरिद्रानंद, चौरवेदी समाज के संरक्षक सत्येंद्र चतुर्वेदी, शिक्षक संघ के संयोजक गंगाराम प्रजापत और प्रधानाध्यापक शिवराज बंसरे सहित कई प्रमुख गणमान्य नागरिकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने व्यासपीठ और संतों के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

समारोह को संबोधित करते हुए परम पूज्य संत हरिद्रानंद ने श्रीमद्भागवत को मोक्ष प्राप्ति का साक्षात द्वार बताया। उन्होंने अपने दिव्य वचनों में कहा कि ऐसे पावन धार्मिक आयोजनों से न केवल मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने की आत्मिक प्रेरणा मिलती है, बल्कि मानव जीवन का परम कल्याण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस प्रकार के सामूहिक अनुष्ठान समाज में आपसी वैमनस्य को मिटाकर अपनत्व, भाईचारा और मेल-मिलाप को बढ़ावा देते हैं। पूर्ण आहुति और महाआरती के बाद शुरू हुआ प्रसादी का दौर देर शाम तक चलता रहा, जिससे संपूर्ण रतनपुर गाँव शिवभक्ति और भागवत के जयकारों से गुंजायमान रहा।

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Pratahkal HQ

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