करौली: UGC के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज ने निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन
करौली में सवर्ण समाज ने UGC नियमों को 'काला कानून' बताते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर 1 फरवरी को भारत बंद की चेतावनी दी।

करौली जिला मुख्यालय पर UGC के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग, जहां उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया।
करौली जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज के लोगों ने केन्द्र सरकार के द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में शहर में रैली निकाल जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। यहाँ सैकड़ों लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर UGC के नए नियमों को वापस लेने की मांग की। जल्द मांग नहीं मानी तो प्रदर्शनकारियों ने 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान भी किया।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली विरोध रैली
सवर्ण समाज के सदस्यों द्वारा आयोजित यह रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरी:
- रैली मदनमोहन जी मंदिर के पास पुरानी नगर पालिका क्षेत्र से शुरू हुई।
- यह फूटाकोटा, बड़ा बाजार, वजीरपुर गेट व पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची।
- कलेक्ट्रेट में प्रदर्शनकारियों ने लगभग आधे घंटे तक भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- वहाँ "मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी" के गगनभेदी नारे गूंजे।
UGC के नए नियमों पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि:
"जनवरी 2026 में लागू किए गए UGC के नए नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के नाम पर एकतरफा व्यवस्था सवर्ण समाज पर थोपा जाने सहित UGC के नियम के तहत केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) व दिव्यांग छात्रों पर केंद्रित हैं।"
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इससे सामान्य वर्ग के छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी का दंश झैलने को मजबूर किया जा रहा है।
इक्विटी कमेटियों और सामाजिक संतुलन पर चिंता
वक्ताओं ने नियमों के तहत गठित की जाने वाली इक्विटी कमेटियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा:
- इन कमेटियों को बिना किसी दंडात्मक प्रावधान के जांच का अधिकार देना, झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को बढ़ावा दे सकता है।
- इससे शैक्षणिक परिसरों में भय व असंतोष का माहौल पैदा होगा।
- देश की एक बड़ी आबादी सामान्य वर्ग से संबंधित है, और इस तरह की नीतियां उनके समान अवसर के अधिकार को कमजोर करती हैं।
- किसी भी कानून का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि सामाजिक संतुलन को बिखंडित करना।
हनुमान चालीसा का पाठ और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
धरना स्थल पर विरोध के प्रतीक के रूप में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और सरकार को "सद्बुद्धि" देने की प्रार्थना की गई। इसके बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट हेमराज परडिवाल को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें UGC नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई।
1 फरवरी को भारत बंद की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को आगे व्यापक किया जाएगा। उन्होंने 1 फरवरी को भारत बंद के माध्यम से देशव्यापी विरोध दर्ज कराने की बात दोहराई।

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