Karauli News: कालीसिंल बांध से 12 नवंबर को किसानों के लिए छोड़ा जाएगा पानी, लेकिन नहरों की सफाई अधूरी — विभागीय लापरवाही से अन्नदाताओं की चिंता बढ़ी
करौली जिले में कालीसिंल बांध से 12 नवंबर को किसानों के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने से पहले विभागीय लापरवाही सामने आई है। नहरों की सफाई अधूरी रहने से रबी की फसलों की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी, जिससे किसानों में गहरी चिंता व्याप्त है।

करौली। जिले में इस बार मानसून की भरपूर वर्षा से जलस्तर बढ़ने पर जहां किसानों के चेहरों पर रबी की फसल की सिंचाई को लेकर उम्मीदें जगी थीं, वहीं अब विभागीय लापरवाही ने उन पर चिंता की रेखाएं खींच दी हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा कालीसिंल बांध से 12 नवंबर बुधवार को नहरों के माध्यम से किसानों को पानी छोड़े जाने की योजना तो तय की गई, लेकिन उससे पूर्व नहरों की सफाई का कार्य पूरा नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हो गए हैं।
पिछले सप्ताह सपोटरा पंचायत समिति में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और जल वितरण समिति के सदस्यों के बीच बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें 12 नवंबर से किसानों को नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। बैठक में समिति सदस्यों ने नहरों की समय पर सफाई करवाने की मांग भी रखी थी, जिस पर अधिकारियों ने कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया था।
लेकिन, तय समय सीमा के बावजूद मंगलवार 11 नवंबर की शाम 5 बजे तक नहरों की सफाई पूरी नहीं की जा सकी। इससे किसानों के खेतों तक पानी की सुचारू आपूर्ति पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहरों की सफाई अधूरी रही, तो कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा, जिससे रबी की फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से वेतन पाने के बावजूद अधिकारी समय पर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते अन्नदाता को हर वर्ष सिंचाई के समय परेशानी झेलनी पड़ती है।
कालीसिंल बांध से पानी छोड़े जाने से पूर्व नहरों की सफाई कार्य अधूरा रह जाना एक बार फिर सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि जल संसाधन विभाग अंतिम समय में किस तरह स्थिति को संभालता है ताकि किसानों की मेहनत और फसल दोनों सुरक्षित रह सकें।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
