नगर परिषद करौली में भ्रष्टाचार के आरोपों पर घमासान, पार्षदों ने कलेक्ट्रेट घेरकर मांगी उच्च स्तरीय जांच
नगर परिषद करौली में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और विकास कार्य ठप होने के विरोध में पूर्व पार्षदों ने जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपा।

नगर परिषद करौली में कथित प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर हाथों में ज्ञापन लेकर विरोध दर्ज कराते पूर्व पार्षद और नागरिक।
नगर परिषद करौली में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और शहरी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर गुरुवार को पूर्व पार्षदों एवं पार्षद प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें विभिन्न मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा नगर परिषद में स्थायी आयुक्त की नियुक्ति की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व पार्षद दीपक शाक्यवार, कुलदीप सिंह धावाई, संजय शर्मा और संदीप जैन ने आरोप लगाया कि सितंबर 2023 में कार्यवाहक आयुक्त द्वारा कार्यभार संभालने के बाद नगर परिषद में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए गए कार्यों तथा विभिन्न निविदाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर परिषद द्वारा बार-बार एक ही फर्म को कार्य आवंटित किए जा रहे हैं। मैटेरियल सप्लाई से लेकर इंटरलॉकिंग निर्माण कार्यों तक एक ही संवेदक को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाए गए। साथ ही कई वार्डों में वर्षों से लगातार एक ही फर्म को कार्य दिए जाने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई।
प्रदर्शनकारियों ने दिसंबर 2023 में जारी 11 निविदाओं के तहत पेच मरम्मत एवं नाली निर्माण कार्यों में बिना कार्य किए भुगतान उठाने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा सफाई व्यवस्था में उपयोग होने वाली जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या में कथित गड़बड़ियों का दावा करते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की गई।
पूर्व पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि कई वार्डों में आज तक नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी है और घर-घर कचरा संग्रहण सेवा भी प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में वर्ष 2023-24 से अब तक नगर परिषद में हुए सभी वित्तीय लेन-देन, कथित फर्जी भुगतानों, ठेकाकर्मियों की नियुक्तियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती प्रक्रियाओं तथा विभिन्न योजनाओं में कथित कमीशनखोरी के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने शहर की विद्युत एवं रोशनी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विद्युत कार्यों पर भारी खर्च किए जाने के बावजूद अपेक्षित स्तर की रोशनी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। साथ ही कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी पूर्व पार्षदों के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई गई।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि पिछले तीन वर्षों से नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं, जिससे शहरी आमजन में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
