करौली में सियासी पारा: प्रभारी मंत्री बेढम ने कांग्रेस पर साधा निशाना, पांचना बांध विवाद सुलझाने का दिया भरोसा
केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री ने पांचना बांध विवाद के समाधान का भरोसा दिलाया और कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला किया।

करौली सर्किट हाउस में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम (बीच में) केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए।
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को रेखांकित करने के उद्देश्य से सोमवार को करौली के सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेसवार्ता उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई, जब जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस नेताओं पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने जहां एक ओर डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए करौली को अग्रणी जिला बनाने का संकल्प दोहराया, वहीं दूसरी ओर पांचना बांध के जल विवाद को लेकर किसानों को आश्वस्त करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्षों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, किसान कल्याण और अपराधों पर प्रभावी अंकुश के माध्यम से देश में सुशासन का नया युग आया है। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में डबल इंजन की सरकार के ढाई वर्षों के कार्यकाल में करौली जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर इसे आकांक्षी जिलों की श्रेणी से ऊपर उठाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन तीनों पक्षों के साथ समन्वय बनाकर भाईचारा कायम रखते हुए इसका समाधान करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए जल वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने सांसद हरीश मीणा और अन्य कांग्रेस विधायकों द्वारा दी गई टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए उसकी घोर निंदा की। विशेष रूप से कांग्रेस में चल रहे आंतरिक कलह पर तंज कसते हुए बेढम ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तांत्रिक चंद्रस्वामी को लेकर की गई टिप्पणी कांग्रेस के गिरते स्तर का प्रमाण है। उन्होंने गहलोत के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा भाजपा को प्रतिबंधित करने की बात कही थी। मंत्री ने इसे 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' बताते हुए कहा कि कांग्रेसी खुली आंखों से जो देख रहे हैं, वह वास्तविकता से कोसों दूर है।
यह प्रेसवार्ता न केवल केंद्र सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा थी, बल्कि आने वाले समय में करौली की राजनीति में टकराव और विकास की प्राथमिकताओं के बीच के संघर्ष को भी स्पष्ट कर गई। एक ओर जहां विकास का दावा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक जुबानी जंग ने जिले का माहौल गरमा दिया है।

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