करौली। राजस्थान के करौली जिले में एक वृद्ध की संदिग्ध मौत ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। सपोटरा उपखंड के गज्जूपुरा क्षेत्र में हुई इस हृदयविदारक घटना ने न केवल स्थानीय ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इंसाफ की आस में सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर हुंकार भरी और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए मामले की तह तक जाने की मांग की।

घटनाक्रम के अनुसार, बीते 10 जनवरी को गज्जूपुरा के डडेला की झोपड़ी इलाके में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया था। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल व्याप्त है। शुक्रवार को डडेला की झोपड़ी, गज्जूपुरा और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण करौली के स्वामी विवेकानंद पार्क में एकत्रित हुए। यहाँ आयोजित एक शोक सभा में ग्रामीणों ने मृतक के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, लेकिन साथ ही इस मौत के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए आक्रोश भी प्रकट किया।

न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों का यह जत्था विवेकानंद पार्क से रवाना होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर निलाभ सक्सेना और जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्च स्तरीय सक्षम अधिकारी से कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंताओं को रखते हुए कहा कि जांच में पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि असल दोषियों को चिन्हित कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच के नाम पर किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह प्रताड़ित न किया जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि निष्पक्ष और त्वरित जांच ही समाज में कानून के प्रति विश्वास को बहाल कर सकती है। अब देखना यह होगा कि जिला कलेक्टर निलाभ सक्सेना और एसपी लोकेश सोनवाल के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस इस गुत्थी को कितनी जल्दी सुलझा पाती है। इस संवेदनशील मामले ने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, और हर कोई अब पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli

Rajendra Kumbhakar, Karauli

नाम: राजेन्द्र प्रसाद कुम्भाकर

वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा

परिचय 

राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:

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शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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