करौली: अस्पताल मार्ग से हटा अतिक्रमण, प्रशासन की कार्रवाई पर भड़के दुकानदार
गुलाब बाग से हिंडौन गेट तक चला नगर परिषद का पीला पंजा, व्यापारियों ने चयनात्मक कार्रवाई और पक्षपात का लगाया आरोप।

करौली में रविवार सुबह अस्पताल मार्ग पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाती नगर परिषद की टीम, जहां दुकानदारों ने प्रशासनिक भेदभाव का आरोप लगाया।
करौली। जिला मुख्यालय पर अस्पताल मार्ग पर व्याप्त स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण के विरुद्ध रविवार सुबह जिला प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने निर्णायक प्रहार किया। आए दिन गंभीर रोगियों और आमजन को होने वाली भारी परेशानियों को देखते हुए सुबह 8 बजे से ही 'पीला पंजा' गर्जना शुरू हुआ, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
यह सघन अभियान गुलाब बाग तिराहे से लेकर हिंडौन दरवाजे तक चलाया गया। इस दौरान सड़क सीमा में अवैध रूप से लगाए गए अस्थाई टीनशेड, दुकानों के बाहर फैला सामान, अवैध ठेले और ट्रॉलियों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर मार्ग को सुगम बनाया गया। करौली एसडीएम एवं कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए बताया कि गुलाब बाग से हिंडौन गेट तक मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के कारण रास्ता अत्यंत संकरा हो चुका था। इससे न केवल अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों को असुविधा हो रही थी, बल्कि आराध्य देव मदनमोहन जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन में भी भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसी जनसमस्या के स्थाई समाधान हेतु प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
आयुक्त मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में पुनः अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। कार्यवाही के दौरान भारी पुलिस बल और नगर परिषद की टीम तैनात रही, जिसके डर से कई स्थानों पर लोगों ने स्वतः ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया।
हालांकि, इस प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान तीखा विवाद भी उभरा। स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए पक्षपात के आरोप मढ़े। दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद ने राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते चयनात्मक कार्यवाही की है, जिसमें अस्पताल के बाहर कुछ विशेष लोगों के अतिक्रमणों को छोड़ दिया गया जबकि अन्य पर सख्ती दिखाई गई। आक्रोशित व्यापारियों ने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाया जाना है, तो नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। एकतरफा कार्यवाही प्रशासन के दोहरे रवैये को दर्शाती है। फिलहाल, बाइट के रूप में एसडीएम प्रेमराज मीणा ने अपना पक्ष रखते हुए अभियान की निरंतरता की बात दोहराई है।

