करौली: पुराने जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में लगी आग, टला बड़ा हादसा
करौली जिला अस्पताल के मैनीफोल्ड शेल्टर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, पास रखे 45 ऑक्सीजन सिलेंडरों को सुरक्षित बचाया गया।

करौली के पुराने जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट के पास लगी आग को बुझाते दमकलकर्मी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी।
करौली जिला मुख्यालय स्थित घनी आबादी क्षेत्र के पुराने जिला अस्पताल परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ऑक्सीजन प्लांट के मैन्युअल मैनीफोल्ड शेल्टर में भीषण गर्मी के कारण अचानक आग लग गई। आग लगने की इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, क्योंकि आग स्थल के बेहद पास करीब 45 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर रखे हुए थे, जिससे किसी भी क्षण बड़ा विस्फोट होने की आशंका गहरा गई थी।
करौली जिला संवाददाता- राजेन्द्र प्रसाद कुम्भकार, 9414671919, @rajendrakumbh11 के अनुसार, घटना के समय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. रामकेश मीणा अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर ऑक्सीजन प्लांट के मैन्युअल मैनीफोल्ड शेल्टर से उठते धुएं पर पड़ी। धुआं देखते ही अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया और तत्काल आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
अस्पताल कर्मचारियों ने सबसे पहले फायर हाइड्रेट सिस्टम की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की संयुक्त मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया गया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा और संभावित जनहानि टल गई।
पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा ने बताया कि यह मैनीफोल्ड शेल्टर बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इमरजेंसी ऑक्सीजन सप्लाई के लिए उपयोग में लिया जाता है। सबसे गंभीर चिंता यह रही कि आग लगने के समय पास में लगभग 45 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद थे, जिनके कारण स्थिति अत्यंत भयावह हो सकती थी। यदि आग समय पर नियंत्रित नहीं होती तो बड़ा विस्फोट और भारी जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था।
आग की घटना में मैनीफोल्ड शेल्टर, उसकी वायरिंग तथा अन्य उपकरण जलकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन एवं तकनीकी टीम द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है ताकि वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ऑक्सीजन प्लांट के आसपास स्थित वार्डों को खाली करा दिया। विशेष रूप से फिजियोथैरेपी वार्ड के मरीजों को तत्काल सुरक्षित वार्डों में स्थानांतरित किया गया। हालांकि आईसीयू और गंभीर मरीजों का उपचार बिना किसी बाधा के जारी रखा गया।
घटना की सूचना पर जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीना तथा सीएमएचओ डॉ. सतीश मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन एवं दमकल विभाग से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घनी आबादी क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल में आग की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटा हुआ है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
