करौली जिले के हिण्डौन सिटी शहर में खारी नाले की सफाई, गंदे पानी की निकासी और जलभराव की समस्या को लेकर व्यापारियों का आक्रोश शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट पर फूट पड़ा। नगर परिषद की कार्यप्रणाली से नाराज कटरा बाजार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

व्यापारियों ने ज्ञापन में बताया कि शहर का प्रमुख कटरा बाजार लंबे समय से गंदे पानी, जाम नालियों और बदहाल सफाई व्यवस्था की समस्या से जूझ रहा है। मानसून से पहले यदि खारी नाले और नालियों की सफाई नहीं करवाई गई तो बाजार क्षेत्र में दोबारा जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे व्यापारियों और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए 71 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। व्यापारियों ने कहा कि दो वर्ष पूर्व जलभराव के कारण कटरा बाजार में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद नगर परिषद ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।

व्यापारियों ने जलसेन तालाब में डाले जा रहे शहर के कचरे और बूचड़खानों के अपशिष्ट पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार कचरा डाले जाने से शहर के प्रमुख जल स्रोत का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। संघर्ष समिति ने मानसून से पहले तालाब की सफाई करवाने, कचरा हटाने, अवैध भूखण्डों और अतिक्रमणों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान कटरा बाजार संघर्ष समिति के योगेश जमालपुरिया, चंदन अरौदा, राजेश लहर, प्रेम गुप्ता, मुकेश भगत, नरेंद्र आर्य, सतीश शर्मा, चीकू गुप्ता, आशु कंबलवाल और त्रिलोक शंघई मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau

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