ग्राम पंचायत गुडला में सरपंच आरक्षण पर विरोध, ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
करौली की ग्राम पंचायत गुडला में सरपंच पद एसटी आरक्षित किए जाने का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर चक्रानुक्रम नियम और जनसंख्या अनुपात का हवाला दिया, मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी।

करौली। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की सुगबुगाहट के बीच जिले में जारी लॉटरी प्रक्रिया के बाद कई पंचायतों में ग्रामीणों की आपत्तियां सामने आ रही हैं। पंचायत समिति करौली के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुडला में आगामी पंचायतीराज चुनाव 2026 के लिए सरपंच पद एसटी श्रेणी में आरक्षित किए जाने को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण प्रक्रिया में चक्रानुक्रम नियम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव में सरपंच पद पुनः एसटी ओपन के लिए आरक्षित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह स्थानीय जनसंख्या के अनुपात और पंचायतीराज नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने पिछले चुनावों में सरपंच पद के आरक्षण का विवरण भी ज्ञापन में प्रस्तुत किया है।
ज्ञापनकर्ताओं के अनुसार वर्ष 2026 में एसटी ओपन, वर्ष 2020 में ओबीसी महिला, वर्ष 2015 में एसटी महिला, वर्ष 2010 में एससी मुक्त/ओपन और वर्ष 2005 में सामान्य महिला सीट आरक्षित रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य पुरुष वर्ग को अब तक अवसर नहीं मिला है।
ग्रामीणों ने पंचायतीराज अधिनियम की चक्रानुक्रम प्रणाली का हवाला देते हुए कहा कि इसके मूल सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक वर्ग को आनुपातिक अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार विगत चार चुनावों से सामान्य पुरुष यानी अनारक्षित ओपन वर्ग को एक बार भी सरपंच पद का अवसर नहीं मिला है।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत गुडला की जनसंख्या का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार आधिकारिक जनसंख्या आंकड़ों में सामान्य एवं ओबीसी वर्ग की आबादी लगभग 75 प्रतिशत, एससी वर्ग की 20 प्रतिशत और एसटी वर्ग की आबादी मात्र 5 प्रतिशत के आसपास है।
इन सभी बिंदुओं को लेकर ग्रामीणों ने मांग की है कि चक्रानुक्रम प्रणाली और न्यायसंगत संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस बार सरपंच पद सामान्य यानी अनारक्षित/मुक्त या ओबीसी पुरुष के लिए आवंटित किया जाए। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर आगामी पंचायत चुनाव 2026 के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
