राज्य सरकार द्वारा घुमन्तु समुदाय (विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु) समुदाय के व्यक्तियों को केन्द्र, राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से घुमन्तु समुदाय (विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु) के सभी व्यक्तियों को ऑन-लाईन घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र जारी किये जाकर राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जायेगा।

शिविरों का आयोजन एवं प्रशासनिक नेतृत्व

इस हेतु समस्त जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की समस्त पंचायत समिति एवं नगरपालिका, नगर परिषद में 31 जनवरी 2026 तक विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु सहायता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना के निर्देशन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग करौली द्वारा जिलें में 15 जनवरी से प्री केम्प एवं 19 से 29 जनवरी तक मैन केम्प आयोजित किए गए।

  • जिलें में इन सहायता शिविरों में घुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों के मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र आदि बनाये जाने के लिए सैकड़ों आवेदन प्राप्त किए गए।


एक्शनएड एसोसिएशन एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका

एक्शनएड एसोसिएशन करौली द्वारा प्रत्येक पंचायत समिति एवं नगर परिषद, पालिका क्षेत्र में अपने स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं से घुमंतू समुदाय की ढ़ाणी, वस्तियों में जाकर शिविरों के संबंध में जागरूकता फैलाकर इन समुदाय के लोगों को अधिकाधिक दस्तावेजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया गया। वंचित लोगो कि सूची तैयार की गई। जो शिविर के दिन उनको शिविर स्थल पर लाकर उनके पहचान पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज बनवाकर समाज की मुख्य धारा में लाने के प्रयास किए गए।

"एक्शनएड एसोसिएशन इंडिया घुमंतू और विमुक्त समुदायों के अधिकारों और कल्याण के लिए काम करती है। और उन्हें सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और भूमि अधिकारों तक पहुँच दिलाने, भेदभाव से बचाने और नीति-निर्माण में उनकी आवाज़ सुनिश्चित करने के लिए विमुक्त और घुमंतू जनजातियों के न्यायसंगत भविष्य की कार्यसूची जैसे दस्तावेज़ों के माध्यम से लाभ दिलाने का प्रयास करती है।" — दिनेश कुमार बैरवा, जिला समन्वयक (एक्शनएड एसोसिएशन करौली)

दस्तावेजीकरण एवं पंजीकरण के आंकड़े

राज्य सरकार द्वारा संचालित इन सहायता शिविरों में करौली से इन समुदाय के लोगों का अधिकाधिक दस्तावेजीकरण करवा कर लाभ दिलाने का प्रयास किया गया। जिसमें 737 लोगों के जिलें भर से घुमंतू जाति पहचान प्रमाण पत्रों के आवेदन करवाये गये।

ग्रामीण क्षेत्र (कुल 559 आवेदन):

  • श्रीमहावीरजी: 28, मंडरायल: 60, मासलपुर: 25, करौली: 177, हिंडौनसिटी: 9, सपोटरा: 46, नादौती: 76, टोडाभीम: 141

शहरी क्षेत्र (कुल 178 आवेदन):

  • टोडाभीम: 59, सपोटरा: 9, करौली: 31, हिंडौनसिटी: 51 एवं मंडरायल: 28 आवेदन।

भविष्य की रणनीति और सहयोगी संस्थाएं

जिलें में सहायता शिविरों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार नही होने के कारण कई लोग इन शिविरों का लाभ नही उठा पाये है। इसलिए घुमंतू समुदाय के अभी भी शत प्रतिशत आवेदन नही हो पाये है।

  • घुमंतू समुदाय के ऐसे वंचित बच्चों, महिला, बुजुर्ग लोगों की अभी भी डोर टू डोर सर्वे की जा रही है।
  • छुट्टे हुए वंचित लोगो की सूची बनाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को भिजवाकर उनके दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया की जा सके।
  • इन शिविरों में एक्शनएड एसोसिएशन करौली के स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ताओं ने डोर टू डोर जाकर शिविरों में ले जाने हेतु वंचित लोगो को चिंहित किया।

इस कार्य में डॉ अम्बेडकर जन उत्थान समिति के समता ग्रुप एवं जीएलोडीपी फैलो एवं एक्शन फोर एडवोकेसी विकास अनुसंधान संस्थान सहित माय भारत करौली के स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। घुमंतू सहायता शिविरों में घुमंतू समुदाय के सैकड़ों लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए भी आये है। जिनको सूचीबद्ध किया जाकर उनके आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी बनवाने का प्रयास किया जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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