राजस्थान: बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगा कृषि योजनाओं और सब्सिडी का लाभ
करौली जिला प्रशासन ने फार्मर रजिस्ट्री के तहत डिजिटल आईडी अनिवार्य की, पीएम-किसान की अगली किस्त और फसली ऋण के लिए पंजीकरण आवश्यक।

करौली में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करते अधिकारी; अब पीएम-किसान और अन्य वित्तीय सहायता के लिए किसानों को डिजिटल आईडी बनवाना अनिवार्य होगा।
फार्मर आईडी नहीं बनाने पर योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ
करौली, 24 फरवरी।
योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करने की पहल
फार्मर रजिस्ट्री के नोडल अधिकारी प्रेमराज मीना ने बताया कि "राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा किसानों को कृषि योजनाओं और सब्सिडी का सीधा लाभ सुनिश्चित करने के लिए फार्मर आईडी बनाने का कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि भविष्य में सरकार द्वारा संचालित सभी कृषि योजनाओं एवं वित्तीय सहायता का लाभ केवल इसी डिजिटल आईडी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री क्या है?
फार्मर रजिस्ट्री एक सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड है जिसमें निम्नलिखित आवश्यक सूचनाएं दर्ज की जा रही हैं ताकि पात्रता का निर्धारण पारदर्शी तरीके से किया जा सके:
- किसान का नाम
- भूमि का पूर्ण विवरण
- फसल की जानकारी
- बैंक खाते का विवरण
पीएम-किसान योजना और अन्य अनिवार्य लाभ
इस डिजिटल पंजीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि "पीएम-किसान योजना के अंतर्गत जिन किसानों को 21वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है, उन्हें आगामी किस्तों का निर्बाध लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य होगा।"
नोडल अधिकारी ने बताया कि इस आईडी के आभाव में आगामी किश्तों का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त, फार्मर आईडी के माध्यम से इन प्रक्रियाओं में सुगमता होगी:
- न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों के विपणन
- फसली ऋण की प्राप्ति
- फसल बीमा की क्षतिपूर्ति
- आपदा राहत सहायता प्राप्त करना
पंजीकरण की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
पंजीकरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। किसान अपनी फार्मर आईडी बनवाने के लिए इन स्थानों पर संपर्क कर सकते हैं:
- नजीदीकी ई-मित्र केंद्र
- संबंधित पटवारी
- तहसील कार्यालय
- सीएससी (CSC) केंद्र
पंजीकरण हेतु किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाना आवश्यक है:
- आधार कार्ड
- जमाबंदी या खसरा संख्या
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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- करौली नायक (दैनिक समाचार पत्र)
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
