करौली: जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
बैठक में अक्षय गोदारा ने स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, 'मां योजना' में क्लेम वृद्धि और अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

करौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए।
करौली। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर गोदारा ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को ‘मां योजना’ के अंतर्गत क्लेम में वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लेम से प्राप्त आय स्वास्थ्य संस्थानों के विकास कार्यों में सहायक सिद्ध होती है, इसलिए प्रत्येक संस्थान को 70 प्रतिशत से अधिक क्लेम अर्जित करना अनिवार्य है।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन की समीक्षा करते हुए करौली और हिंडौन शहर में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए टीकाकरण अभियान निरंतर गति से चलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने ‘मां वाउचर योजना’ के तहत की गई सोनोग्राफी रिपोर्टों की जांच करने, एएनसी रजिस्ट्रेशन में सुधार लाने तथा मिसिंग डिलीवरी एवं मिसिंग टीकाकरण के लिए मॉनिटरिंग बढ़ाने के स्पष्ट आदेश दिए। अप्रैल माह में लिंगानुपात में हुई वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने स्थिति के गहन विश्लेषण पर बल दिया।
प्रशासनिक सख्ती का परिचय देते हुए जिला कलेक्टर ने झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध क्लीनिकों के संचालन पर रोक लगाने के लिए बीसीएमओ को मिशन मोड में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस कार्य में प्रशासन और पुलिस का पूर्ण सहयोग मिलेगा। इसके अतिरिक्त, एनएचएम निर्माण विंग को निर्देशित किया गया कि आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करें और गुणवत्ता बनाए रखें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को एफसीएम एवं संपूर्ण टीकाकरण की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने बैठक में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की ब्लॉकवार स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं का निराकरण करते हुए प्रभारियों को ‘मां योजना’ में क्लेम बुकिंग बढ़ाने, जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान और ‘लाडो योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष पांडे ने पीपीटी के माध्यम से ‘मां योजना’, एचपीवी वैक्सीनेशन, संपूर्ण टीकाकरण, मिसिंग टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी, सेक्स रेशों, जेएसवाई एवं लाडो योजना की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी करौली डॉ. रामकेश मीणा, पीएमओ हिंडौन डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीडीईओ सर्वेश कुमार, बीसीएमओ, विभिन्न सीएचसी-पीएचसी प्रभारी एवं विभागीय डीपीसी-डीएएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

