करौली। करौली जिले में लंबे समय से चर्चा में रहे सट्टाकिंग अमीनुद्दीन उर्फ अमीन खान प्रकरण ने मंगलवार को एक निर्णायक मोड़ ले लिया, जब जिला प्रशासन ने अंबेडकर सर्किल के समीप स्थित उसकी विवादित बहुमंजिला इमारत के अवैध हिस्सों पर बुलडोज़र चला दिया। यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासनिक सख़्ती का प्रतीक बनी, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक संवेदनशीलता के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है।

हाल ही में ऑनलाइन सट्टा प्रकरण में पुलिस ग्राफ्ट के तहत जिले के कुख्यात सट्टाकिंग और करौली नगर परिषद के पूर्व सभापति के पुत्र अमीनुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया था। इससे पहले 2 अप्रैल को हुए दंगों में पुलिस प्रशासन ने अमीनुद्दीन को मास्टरमाइंड घोषित किया था। इसके पश्चात आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि अंबेडकर सर्किल के पास कूटरचित तरीके से पद का दुरुपयोग कर अवैध पट्टा जारी किया गया, जिस पर बहुमंजिला इमारत खड़ी की गई और एक प्राचीन शिव मंदिर के अस्तित्व को भी नुकसान पहुंचाया गया।

इन आरोपों के सामने आने और हिंदूवादी संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन तथा अवैध पट्टों को निरस्त कर निर्माण ध्वस्त करने की मांग के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जांच के उपरांत संबंधित पट्टों को सत्ता के दुरुपयोग और अवैध प्रक्रिया से जारी पाया गया, जिसके आधार पर उन्हें निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही नोटिस चस्पा करने के बाद मंगलवार सुबह से देर रात तक बुलडोज़र कार्रवाई की गई।

जिला कलेक्टर नीलाभ और जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त और करौली उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा की अगुवाई में यह संयुक्त कार्रवाई अंजाम दी गई। भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में जेसीबी और एलएनटी मशीनों की मदद से इमारत के आगे और पीछे बने अवैध हिस्सों को तोड़ा गया। सुरक्षा कारणों से अंबेडकर सर्किल से गणेश गेट तक मार्ग को डायवर्ट किया गया और चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक माहौल भी गर्माया रहा। पूर्व करौली विधायक लखन सिंह मीणा और कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप लगाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। बावजूद इसके, मंगलवार की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर अवैध निर्माण के खिलाफ सख़्त रुख अपनाने के मूड में है।

बुलडोज़र कार्रवाई के दौरान दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन ने इसे सुरक्षा और सार्वजनिक हित से जुड़ा आवश्यक कदम बताया। करौली में यह कार्रवाई अब केवल एक अवैध इमारत ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जिले में अवैध संपत्तियों और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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