करौली। नादौती ब्लॉक में एक झोलाछाप चिकित्सक द्वारा गलत इंजेक्शन दिए जाने के कारण हुई बालक की दुखद मौत के बाद जिला प्रशासन ने अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन की ओर से गठित ब्लॉक स्तरीय दलों ने करौली जिले के विभिन्न क्षेत्रों में झोलाछाप और नीम-हकीमों के विरुद्ध सघन छापेमारी अभियान चलाकर उनके अवैध क्लिनिक सीज किए, जिससे क्षेत्र के अवैध क्लिनिक संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है।





मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सपोटरा में बीसीएमओ डॉ. मनोज कुमार मीणा, तहसीलदार दिलीप अग्रवाल, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गेश मीणा और स्थानीय चिकित्सा अधिकारी प्रभारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डाबरा में विनोद कुमार के क्लिनिक और सपोटरा में संजीत कुमार विश्वास के क्लिनिक को सीज कर दिया। इसी क्रम में, मंडरायल ब्लॉक में बीसीएमओ डॉ. महेश मीणा और स्थानीय तहसीलदार के नेतृत्व में गठित दल ने कार्रवाई करते हुए चार झोलाछाप व नीम-हकीमों की दुकानें सीज कीं।

प्रशासनिक अभियान का दायरा बढ़ाते हुए टोडाभीम और गुढ़ाचंद्रजी ब्लॉक में भी झोलाछाप व नीम-हकीमों के ठिकानों पर दबिश दी गई। गुढ़ाचंद्रजी ब्लॉक में उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने रौंसी में घटनाक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तीन झोलाछाप संचालकों के परिसरों पर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की। प्रशासन की इस निरंतर और सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर खिलवाड़ करने वाले अवैध संचालकों में दहशत का माहौल है और स्थानीय स्तर पर इस मुहिम को आमजन द्वारा सराहा जा रहा है।

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Pratahkal Newsroom

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