करौली। भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने और पीसीपीएनडीटी अधिनियम की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के लिए करौली में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कार्रवाई देखी गई। जिला नोडल अधिकारी (PCPNDT) एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जयंतीलाल मीणा ने शाम करीब 4 बजे करौली मुख्यालय स्थित भावना सोनोग्राफी सेंटर और बागड़ी हॉस्पिटल स्थित सोनोग्राफी सेंटर का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने सेंटर पर मौजूद गर्भवती महिलाओं से संवाद कर सेवाओं का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने सोनोग्राफी पंजिका और एफ फॉर्म की विस्तृत जांच की तथा संचालकों को अधिनियम के तहत नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

सीएमएचओ डॉ. मीणा ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुखबिर योजना भी प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण की सत्य सूचना देने वाले व्यक्ति को तीन लाख रुपये तक का प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान दोनों सेंटरों पर मुखबिर योजना के प्रचार-प्रसार, टोल फ्री नंबर 104 व 108 और व्हाट्सएप नंबर 9799997795 के प्रदर्शनों की भी जांच की गई।

जिला कार्यक्रम समन्वयक-पीसीपीएनडीटी नगीना शर्मा ने सेंटर संचालकों को एक्टिव ट्रेकर प्रणाली के माध्यम से योजना के सही क्रियान्वयन और प्रचार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। यह कदम करौली जिले में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन और भ्रूण लिंग आधारित भेदभाव को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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