सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल, सपोटरा में मानवाधिकार रक्षकों का प्रशिक्षण कल
करौली जिले के सपोटरा में 24 जून को मानवाधिकार रक्षकों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित होगा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर केंद्रित यह पहल ग्रामीण समुदायों तक सरकारी लाभ पहुंचाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 24 जून को पंचायत समिति सभागार, सपोटरा में सामाजिक कल्याण योजनाओं एवं अधिकारों पर मानवाधिकार रक्षकों (एचआरडी) का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
जिला प्रशासन करौली एवं एक्शनएड इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को व्यापक स्तर तक पहुंचाना तथा पात्र नागरिकों को उनके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के माध्यम से मानवाधिकार रक्षकों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं को विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
एक्शनएड इंडिया के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि यह प्रशिक्षण बैक टू स्कूल अभियान एवं अधिकार-आधारित सामुदायिक सशक्तिकरण प्रयासों के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सपोटरा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों से मानवाधिकार रक्षक, सामुदायिक कार्यकर्ता एवं सामाजिक नेतृत्वकर्ता भाग लेंगे।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान एक्शनएड इंडिया की कार्यक्रम अधिकारी संगीता टेटे सहित विषय विशेषज्ञ प्रतिभागियों को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं, दिव्यांगजन अधिकार तथा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकार रक्षकों की क्षमता का विकास करना है ताकि वे वंचित, जरूरतमंद और अधिकारों से दूर रह गए समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी योगदान दे सकें।
यह कार्यक्रम समुदाय स्तर पर अधिकार-आधारित दृष्टिकोण को मजबूत करने, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं तक आमजन की पहुंच को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
