हिंडौन सिटी। शिक्षा केवल चहारदीवारी के भीतर सिमटा हुआ ज्ञान नहीं है, बल्कि यह अनुभवों की वह खुली किताब है जिसे धरातल पर उतरकर पढ़ा जाता है। इसी ध्येय को सार्थक करने के लिए शनिवार को हिंडौन शहर का ऐतिहासिक चौपड़ सर्किल एक नई ऊर्जा और उत्साह का साक्षी बना। रामदुलारी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की छात्राध्यापिकाओं का एक विशाल शैक्षणिक भ्रमण दल जब अपनी यात्रा पर निकला, तो पूरे शहर की निगाहें इन भविष्य की राष्ट्र निर्माताओं पर टिकी थीं। प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों द्वारा दिखाए गए हरे झंडे के साथ ही इन छात्राओं के सात दिवसीय बौद्धिक और सांस्कृतिक सफर का विधिवत शंखनाद हो गया।

रामदुलारी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी लियाकत अली ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भ्रमण केवल एक सैर-सपाटा नहीं, बल्कि छात्राध्यापिकाओं के अनिवार्य 'एसयूपीडब्ल्यू' (SUPW) कैंप का एक अभिन्न हिस्सा है। इस सात दिवसीय शिविर के माध्यम से छात्राएं समाज, संस्कृति और स्वावलंबन के विविध आयामों से रूबरू होंगी। इस भव्य प्रस्थान समारोह में पूर्व उपसभापति नफीस अहमद, राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के सदस्य डॉ. सुनील अग्रवाल और ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अतिथियों ने सामूहिक रूप से वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस गरिमामयी अवसर पर समाज और शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं, जो इस आयोजन की व्यापकता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में समाजसेवी मंजीत मुद्गल, डॉ. अभिजीत शर्मा, धर्मेंद्र तिवारी, डॉ. अभिषेक शर्मा, विनोद कुमार मीणा, विक्रम शर्मा, मुंशी खान और मंसूर खान सहित कॉलेज स्टाफ के तमाम सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे भ्रमण से न केवल व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना भी प्रबल होती है।

चौपड़ सर्किल से शुरू हुआ यह सफर हिंडौन के शैक्षिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अनुशासन और उत्साह के संगम के साथ रवाना हुआ यह दल अगले सात दिनों तक विभिन्न ऐतिहासिक और सामाजिक स्थलों का अवलोकन करेगा। यह आयोजन न केवल छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव कितना अनिवार्य हो चुका है।

Rajendra Kumbhakar, Karauli

Rajendra Kumbhakar, Karauli

नाम: राजेन्द्र प्रसाद कुम्भाकर

वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा

परिचय 

राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:

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शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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