महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों के विरोध में हिंडौन सिटी में प्रदर्शन
राजसेस योजना के विरोध में प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सुधार की मांग की।

हिंडौन सिटी राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर संविदा नियुक्तियों के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते प्राध्यापक और एसडीएम को ज्ञापन सौंपता प्रतिनिधिमंडल।
करौली/हिंडौन सिटी: महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप पुनर्संरचना की माँग को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की राजकीय महाविद्यालय हिंडौन सिटी इकाई द्वारा राजसेस महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना एवं संचालन व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया गया। इस शांतिपूर्ण एवं मर्यादित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर तथा मांगों से संबंधित प्ले-कार्ड्स लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
राजसेस (Raj-CES) योजना और एनईपी-2020 का विरोध
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अनुसार, राजसेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की मूल भावना के विपरीत है। स्थानीय इकाई के सचिव डॉ रीतेश जैन ने बताया कि:
- "इन महाविद्यालयों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव, अपर्याप्त अधोसंरचना एवं संसाधन, शोध एवं नवाचार की संभावनाओं का न होना तथा संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्ता, बहुविषयकता एवं अकादमिक निरंतरता से दूर ले जा रही है।"
आंकड़ों में महाविद्यालयों की स्थिति
महासंघ के जिला सह सचिव डॉ श्री निवास गुर्जर ने राजसेस महाविद्यालयों की स्थिति पर निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत किए:
- सत्र 2020–21 से 2022–23 के मध्य Raj-CES योजना के अंतर्गत 303 नवीन महाविद्यालय खोले गए।
- वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023–24 एवं 2024–25 में 71 अतिरिक्त Raj-CES महाविद्यालय खोले जा चुके हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है।
- इनमें से लगभग 260 राजसेस महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उपखंड अधिकारी/जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं प्रधानमंत्री के नाम पृथक-पृथक एसडीएम हेमराज गुर्जर को ज्ञापन दिया गया है।
विरोध प्रदर्शन में उपस्थित पदाधिकारी
विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के दौरान राजकीय महाविद्यालय हिंडौन सिटी इकाई के निम्नलिखित सदस्य मौजूद रहे:
- गंगा राम मीना
- मुकेश कुमार गोयल
- डॉ अनिल अग्रवाल
- यशस्वी मीना
- इकाई सचिव डॉ रीतेश जैन
- जिला सह सचिव डॉ श्री निवास गुर्जर
- राजकुमारी
- उपमा मीना
- शालिनी गुप्ता
- डॉ आशा राठौर
- भूप सिंह

Rajendra Kumbhakar, Karauli
वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा
परिचय
राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:
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उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
