सपोटरा (करौली)। राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा में आज किसानों के हक और हुकूक की लड़ाई को धार देते हुए भारतीय किसान संघ की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। प्रांत उपाध्यक्ष गंगाराम मीणा के मुख्य आतिथ्य और जिलाध्यक्ष मोहर सिंह मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अन्नदाताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। बैठक का माहौल उस समय भावुक और उग्र हो गया जब किसानों ने बीमा कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किए जा रहे कथित शोषण की परतें खोलीं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसान दोहरी मार झेल रहा है—एक तरफ प्रकृति की अनिश्चितता और दूसरी तरफ व्यवस्था की उदासीनता।

बैठक के केंद्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि किसानों के खातों से प्रीमियम की राशि तो काट ली जाती है, लेकिन जब आपदा की स्थिति में मुआवजे की बारी आती है, तो किसानों को ठगा हुआ महसूस कराया जाता है। इसके साथ ही सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये तक के फसली ऋण का प्रावधान है, परंतु सवाई माधोपुर और करौली की सहकारी समितियां किसानों को महज 10 हजार से 30 हजार रुपये तक की बेहद कम सीमा में ऋण देकर उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। किसानों की मांग है कि इस ऋण सीमा को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाए और सभी बैंकों के माध्यम से मिलने वाले केसीसी (KCC) लोन की सीमा को भी 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक सुनिश्चित किया जाए।

कृषि संकट के साथ-साथ प्रशासनिक खामियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि सपोटरा तहसील के तूरसगपुरा जैसे कई गांवों का रेवेन्यू रिकॉर्ड अब तक ऑनलाइन नहीं हो पाया है, जिसके कारण किसान सरकारी योजनाओं और दस्तावेजी कार्यों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा, पूरे सीजन में यूरिया खाद की भारी किल्लत और कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। वर्तमान में भी खाद की अनुपलब्धता एक बड़ा संकट बनी हुई है। गौवंश के संरक्षण और फसलों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला एवं नंदी शाला खोलने की मांग भी जोर-शोर से उठी। इस बैठक ने न केवल किसानों की समस्याओं को मंच प्रदान किया, बल्कि भविष्य में एक बड़े आंदोलन की नींव भी रख दी है, जो क्षेत्र की कृषि राजनीति की दिशा तय करेगा।

Rajendra Kumbhakar, Karauli

Rajendra Kumbhakar, Karauli

नाम: राजेन्द्र प्रसाद कुम्भाकर

वर्तमान पद: करौली जिला रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: करौली जिला मुख्यालय, हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम, और मंडरायल (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासनिक खबरें, राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, और शिक्षा

परिचय 

राजेन्द्र प्रसाद कुंभकार राजस्थान के करौली जिले के जिला रिपोर्टर हैं। वह पिछले 6 महीने से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वह मुख्य रूप से करौली जिला मुख्यालय की प्रशासनिक खबरों के साथ-साथ पूरे जिले के अंतर्गत आने वाले हिण्डौन सिटी, सपोटरा, टोडाभीम और मंडरायल क्षेत्रों की राजनीतिक, आपराधिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक गतिविधियों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव । 'प्रातःकाल' से जुड़ने से पहले वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों, डिजिटल ऐप्स और समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं:

  • टीएनआई आवाज
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  • करौली नायक (दैनिक समाचार पत्र)
  • राजस्थान की राजनीति (दैनिक समाचार पत्र)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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