बकानी (झालावाड़)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर संगठन की शक्ति का शंखनाद किया है। संत कमल किशोर नागर की पावन श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर बकानी पहुंचीं राजे ने भाजपा मंडल कार्यालय में आयोजित एक विशेष और भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। यह आयोजन मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश लोधा एवं इन्द्रसिंह गुर्जर के सफल कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रखा गया था, जिसने राजे की उपस्थिति के बाद एक बड़े शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया।

कार्यक्रम का आरंभ बेहद भावुक और आत्मीय रहा। पूर्व संसदीय सचिव नरेन्द्र नागर की गरिमामयी उपस्थिति में मंडल के पदाधिकारियों ने अपनी 'महारानी साहब' का 21 किलो फूलों के विशाल हार से जोरदार स्वागत किया। उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जिससे समूचा परिसर "जय श्री राम" और "वसुंधरा राजे जिंदाबाद" के नारों से गूंज उठा। इस दौरान राजे ने केवल मंच साझा नहीं किया, बल्कि अनुशासन और आत्मीयता की मिसाल पेश करते हुए वहां मौजूद प्रत्येक कार्यकर्ता का व्यक्तिगत परिचय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यहां एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार की एक सदस्य के रूप में आई हैं।

संबोधन के दौरान वसुंधरा राजे ने संगठन की जमीनी हकीकत को बयां करते हुए कहा कि एक वर्ष का यह सफल कार्यकाल केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस प्रत्येक कार्यकर्ता की जीत है जिसने बूथ स्तर पर अपना पसीना बहाया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की निष्ठा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बकानी मंडल की एकजुटता की जमकर सराहना की। विकास के विजन पर चर्चा करते हुए उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और हमारा लक्ष्य अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए।

राजे ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें और उनके समाधान के लिए सेतु का कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ताओं के सुझाव ही भविष्य के विकास का रोडमैप तैयार करेंगे। इस अवसर पर मंडल के समस्त जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जो इस बात का प्रमाण था कि बकानी क्षेत्र में संगठन की जड़ें कितनी गहरी हैं। यह कार्यक्रम केवल एक वर्षगांठ का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए कार्यकर्ताओं में नए प्राण फूंकने वाला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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