उन्हेल (झालावाड़): "पांव के छाले नहीं रोक पाए राहें", भारी जनसैलाब के बीच वसुंधरा राजे ने भरी हुंकार
झालावाड़ के उन्हेल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सांसद दुष्यंत सिंह की ‘आशीर्वाद पदयात्रा’ को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जनता की दुआओं के आगे पांव के छाले भी उनकी राह नहीं रोक पाए। इस यात्रा को क्षेत्र के विकास और विश्वास की यात्रा बताते हुए राजे ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।

उन्हेल (झालावाड़)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के उन्हेल में एक बार फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में जनता के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और संघर्ष की गाथा को जीवंत कर दिया। सांसद दुष्यंत सिंह की ‘आशीर्वाद पदयात्रा’ को हरी झंडी दिखाते हुए राजे ने भावुक और ओजस्वी स्वर में कहा, "मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।" उनके इन शब्दों ने वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में एक नया जोश भर दिया। राजे ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए साझा किया कि जब वे सांसद थीं, तब पदयात्राओं के दौरान उनके पैरों में छाले पड़ जाते थे, जिन्हें वे स्वयं पिन से फोड़कर निरंतर आगे बढ़ती रहती थीं। उनका यह संघर्ष आज भी उन्हें जनता के बीच मजबूती से खड़ा रखता है।
श्रीमती राजे ने राजनीतिक गलियारों के परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज के दौर में अधिकांश नेता केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं और जीत हासिल करने के बाद पांच साल तक वातानुकूलित कमरों (एसी) में ही सिमट कर रह जाते हैं। इसके विपरीत, उन्होंने स्पष्ट किया कि झालावाड़ का क्षेत्र उनके लिए कोई निर्वाचन क्षेत्र मात्र नहीं, बल्कि एक परिवार है। उन्होंने जनता को 'मतदाता' के बजाय 'भाग्य निर्माता' की संज्ञा दी। राजे ने सांसद दुष्यंत सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपके सांसद सदैव जनता के बीच रहते हैं और हर व्यक्ति तक पहुँचने का प्रयास करते हैं।
इस 'आशीर्वाद पदयात्रा' को उन्होंने केवल एक राजनीतिक आयोजन मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे "अपनों की, अपनों के लिए और अपनों के द्वारा" की गई एक ऐसी यात्रा बताया जिसका मूल उद्देश्य जन-जन से जुड़ना, लोगों की आवाज सुनना और उनके सपनों को साकार करना है। राजे के अनुसार, इस यात्रा का एकमात्र लक्ष्य हर नागरिक का सम्मान, उत्थान और उनकी वाजिब समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। यह यात्रा खेतों की मिट्टी, बच्चों की मुस्कान और आमजन की मेहनत को नमन करने और उनकी तकलीफों को गले लगाने का एक पवित्र जरिया है।
इस गरिमामयी अवसर पर आरपीएससी चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा, विधायक गोविन्द रानीपुरिया, जिला प्रभारी जगत नारायण जोशी, सह प्रभारी सागर सोनी, पूर्व मंत्री मान सिंह चौहान, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष संजय जैन 'ताऊ' सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस पदयात्रा के माध्यम से वसुंधरा राजे ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया है कि उनका जनसंपर्क का सिलसिला और विकास की प्रतिबद्धता किसी भी बाधा से रुकने वाली नहीं है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
