विधायक सुरेश गुर्जर ने विधानसभा में वन और उच्च शिक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरा
खानपुर विधायक ने तारज प्लांटेशन घोटाले, बकानी में कॉलेज की कमी और आदिवासियों के वन अधिकार दावों के निरस्त होने पर कड़े सवाल उठाए।

वन एवं पर्यावरण: भ्रष्टाचार का 'कागजी जंगल'
विधायक गुर्जर ने सरकार के 10 करोड़ पौधे लगाने के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि ये पौधे केवल विज्ञापनों और फाइलों में जिंदा हैं।
- तारज प्लांटेशन घोटाला: विधायक ने कहा, "मेरे क्षेत्र के तारज में औषधीय पौधों के नाम पर करोड़ों का घपला हुआ। सदन में मंत्री जी ने गिनती और जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन साल भर बाद भी नतीजा सिफर है। आखिर मंत्री जी की बात का भरोसा कौन करेगा?"
- नाबार्ड परियोजना पर सवाल: बजट के पेज 40 का हवाला देते हुए विधायक ने पूछा कि जब पौधे जीवित ही नहीं हैं, तो उनके रखरखाव (Maintenance) के लिए 840 लाख रुपये क्यों मांगे जा रहे हैं? क्या सरकार सूखी लकड़ियों को पानी पिलाने के नाम पर लूट मचा रही है?
- फसल खराबा व सुरक्षा: जंगली सुअर और नीलगाय से होने वाले नुकसान पर वन विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। विधायक ने मांग की कि पत्थर की दीवारें (चारदीवारी) पूरी की जाएं और फसल नुकसान पर वन विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाए।
विस्थापन, संरक्षण और विकास की अड़चनें
मुकंदरा टाइगर रिजर्व के विस्थापितों (मशालपुरा, नारायणपुरा, प्रेमपुरा आदि) के लिए 15 लाख का पैकेज बहुत कम है, इसे बढ़ाया जाए और 'जमीन के बदले जमीन' दी जाए। साथ ही हरिगढ़ व पनवाड़ के 3000 हेक्टेयर में काले हिरण व चिंकारा के लिए रिजर्व अभ्यारण्य घोषित हो।
विधायक ने कहा कि वन विभाग की आपत्तियों के कारण लक्ष्मीपुरा में जल जीवन मिशन का काम रुक गया है, जिससे लोग पानी के लिए किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। गागरोन-नोलाव-महुआखेड़ा सड़क भी एनओसी (NOC) के अभाव में अटकी है। परवन सिंचाई परियोजना में डूब के बदले दी गई जमीनों पर बसे ग्रामीणों के मकान और मंदिर तोड़े जा रहे हैं, जो घोर अन्याय है।
जनजाति क्षेत्रीय विकास (TAD): आदिवासियों से बेदखली
गुर्जर ने सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दिसंबर 2025 तक प्राप्त 1.18 लाख वन अधिकार दावों में से 66,278 दावे (56%) निरस्त कर दिए गए।
- माडा (MADA) योजना: खानपुर के 121 गांव इस योजना में हैं, लेकिन सरकार ने स्वीकार किया है कि पिछले 2 साल से यहाँ एक रुपये का काम नहीं हुआ।
- शिक्षा का अभाव: प्रदेश के 1,417 मां-बाड़ी केंद्र आज भी झोपड़ियों या पेड़ों के नीचे चल रहे हैं। बच्चों के सिर पर छत तक नहीं है।
उच्च शिक्षा: बजट लैप्स और रिक्त पदों की मार
उच्च शिक्षा पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि 12,661 स्वीकृत पदों में से 50% (6,302 पद) खाली हैं। 117 कॉलेजों में प्रिंसिपल नहीं हैं।
- बजट में कैंची: "सरकार ने उच्च शिक्षा का 74% बजट लैप्स कर दिया। कालीबाई भील स्कूटी योजना और स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप के 72 करोड़ रुपये काट लिए गए। इसके कारण एसटी (ST) वर्ग का नामांकन 6% गिर गया है।"
- बकानी कॉलेज की मांग: जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर बकानी ब्लॉक में कॉलेज न होने से 90% बालिकाएं पढ़ाई छोड़ देती हैं। 28 स्कूलों के 3000 छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए इसी सत्र में कॉलेज खोला जाए।
- खानपुर कॉलेज: यहाँ स्थायी संबद्धता के लिए रिक्त पदों को भरने, खेल मैदान, लाइब्रेरी और फर्नीचर की तुरंत व्यवस्था की जाए।
अवैध खनन पर प्रहार
विधायक ने अंत में बारापाटी वन क्षेत्र में वन अधिकारियों के संरक्षण में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाया और मांग की कि छलनी हो रहे जंगल को बचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
