धमकी, ब्लैकमेल, वसूली और मिलीभगत का खेल

ऑपरेशन क्लीन राईड लगातार जारी है। राजस्थान रोडवेज की निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना में बड़ा गबन हो रहा था। इसमें धमकी, ब्लैकमेल, वसूली और मिलीभगत का मामला सामने आया है। कुछ बस सारथी अपने टारगेट की पूर्ति परीक्षा अवधि में 50 से 75 प्रतिशत तक निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना से दिखाकर कर रहे थे। परिचालक, सिविल डिफेंस परिचालक व बस सारथी एसटीडी से मिलकर इस योजना की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जोधपुर, अजमेर, कोटा व झालावाड़ से 07 अन्य एसटीडी गिरोह चलाने वाले अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक का बयान और गोपनीय रेड

श्रीमान पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि - "दिनांक 24.12.2025 को कार्यालय पुलिस अधीक्षक झालावाड़ पर एक गोपनीय शिकायत इस आशय की प्राप्त हुई की नरेन्द्र सिंह राजावत द्वारा गिरोह बनाकर राजस्थान रोडवेज के परिचालकों को भयाक्रांत कर ब्लैकमेल करते हुए व मिलीभगत कर रिमार्क लगवाकर नौकरी खराब करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की जाती है।"

उक्त गिरोह द्वारा पैसे देने वाले परिचालकों को रोडवेज के उड़नदस्तों की सूचना देकर भारी मात्रा में राजस्व की हानि करवाते हैं। गोपनीय परिवाद की लगभग 01 माह से अधिक अवधि की लंबी व विस्तृत जांच के बाद जांच रिपोर्ट पर पुलिस थाना कोतवाली झालावाड़ में प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बेहद गोपनीय रेड दिनांक 30.01.2026 को की गयी। रेड में गिरोह के सरगना नरेन्द्र सिंह सहित 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

गबन का तरीका और बरामदगी

प्रकरण में आगामी अनुसंधान के क्रम में दिनांक 01.02.2026 को 07 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की है। अनुसंधान से प्रकाश में आया कि गिरोह द्वारा निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना में बड़े स्तर पर गबन किया जा रहा है। कोटा निवासी आरोपी राधेश्याम के कब्जे से बड़ी संख्या में एडमिट कार्ड बरामद किये गये।

निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना: मुख्य बातें

  • योजना: राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिये राजस्थान रोडवेज द्वारा रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
  • पात्रता: राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी।
  • सुविधा: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की साधारण/द्रुतगामी बसों में निशुल्क यात्रा।
  • अवधि: परीक्षा तिथि से 02 दिन पूर्व से 02 दिन बाद तक।
  • प्रक्रिया: बस परिचालक द्वारा या बुकिंग काउंटर पर एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी दिखाना और फोटो युक्त आईडी साथ रखना अनिवार्य है।
  • लाभ: छात्रों को घर से परीक्षा केंद्र तक बसों में कोई किराया नहीं देना होता है।

कैसे हो रहा था गबन का खेल?

वर्तमान में निगम में तीन तरह के परिचालक व्यवस्था संचालित है:

  1. रोडवेज परिचालक: यह निगम के स्थायी कर्मचारी होते है, इनके लिये राजस्व राशि जमा करवाने का टारगेट तय नहीं होता है।
  2. सिविल डिफेंस: सिविल डिफेंस कलेक्ट्रेट से वॉलंटियर के तौर पर निगम से जुड़ते है तथा निगम परिचालक की तरह ही कार्य करवाते है। इनके लिये भी राजस्व राशि जमा करवाने का टारगेट तय नहीं होता है।
  3. बस सारथी: वह व्यक्ति जो एक माह के लिये अनुबंध पर गाडी लेता है। इनका रूट और अनुबंध राशि प्रत्येक फेरे के लिये पहले से तय होती है, जो यात्रीभार का औसत निकालकर निगम द्वारा तय की जाती है।

चूंकि स्थायी परिचालक व सिविल डिफेंस परिचालक के लिये कोई टारगेट राशि नहीं होती है इसलिये निशुल्क यात्रा योजना में एकत्र किये गये एडमिट कार्ड एसटीडी के माध्यम से बस सारथियों को उपलब्ध करवा दिये जाते है। बस सारथी अपने टारगेट का 50 से 75 प्रतिशत हिस्सा निशुल्क टिकट का ही दिखाकर (जबकि यात्रियों से टिकट का पूरा पैसा लिया जाता है) ही पूरा कर देता है।

गबन की प्रक्रिया का प्रवाह:

  • परीक्षार्थी निशुल्क यात्रा के लिये परिचालक को अपना एडमिट कार्ड की प्रतिलिपि देता है।
  • इसके बदले परिचालक परीक्षार्थी को यात्रा हेतु निशुल्क यात्रा टिकट देता है।
  • नियमानुसार परिचालक को यह एडमिट कार्ड निगम में जमा करवाने होते है लेकिन परिचालक एसटीडी गिरोह को भी यह एडमिट कार्ड उपलब्ध करवा देता है।
  • बस सारथी इन एडमिट कार्ड का उपयोग कर नगद राजस्व 25 से 50 प्रतिशत ही निगम को जमा करवाकर तयशुदा अनुबंध राशि का आंकड़ा पार कर लेता है।

योजना में गबन के कुछ उदाहरण:

क्र. सं. परीक्षार्थी का निवास स्थान परीक्षा केंद्र का स्थान एडमिट कार्ड बरामदगी स्थल
01. कोटा बारां बारां
02. भीलवाड़ा भीलवाड़ा कोटा
03. मंदसौर अजमेर कोटा
04. धौलपुर जयपुर कोटा
05. करौली जयपुर कोटा
06. चित्तौड़गढ़ अजमेर कोटा
07. भीलवाड़ा श्रीगंगानगर कोटा
08. दौसा जयपुर कोटा

गिरफ्तारशुदा आरोपी

  • 01. दिनेश कुमार पुत्र रतनलाल वैष्णव, उम्र 44 वर्ष, निवासी सरसेडी गेट के पास केकड़ी, थाना केकड़ी, जिला अजमेर।
  • 02. राधेश्याम पुत्र श्री चतुर्भुज बैरवा, उम्र 43 वर्ष, निवासी म.नं. ख-34, अम्बेडकर कॉलोनी कोटा, थाना कुन्हाड़ी, जिला कोटा शहर।
  • 03. नरेन्द्र टांक पुत्र श्री प्रेमकिशोर माली, उम्र 56 वर्ष, निवासी जालोरिया का बास जोधपुर, थाना नागौरी गेट जोधपुर, जिला जोधपुर।
  • 04. शाहनवाज पुत्र श्री सलीम बैग मुसलमान, उम्र 33 वर्ष, निवासी काले बाबू की हवेली के पीछे झालावाड़, थाना कोतवाली झालावाड़, जिला झालावाड़।
  • 05. उमेश पुरोहित पुत्र श्री प्रवीण कुमार, उम्र 52 वर्ष, निवासी भागाकोट कल्याणपुरा बांसवाड़ा, थाना कोतवाली बांसवाड़ा, जिला बांसवाड़ा।
  • 06. गिरीश जोशी पुत्र ओमप्रकाश, उम्र 51 वर्ष, निवासी पुष्पा नगर बांसवाड़ा, थाना कोतवाली बांसवाड़ा, जिला बांसवाड़ा।
  • 07. अंकित गुर्जर पुत्र राधेश्याम गुर्जर, उम्र 27 साल, निवासी भंवरासा, थाना झालरापाटन, जिला झालावाड़।
Pratahkal Bureau

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