लहसुन के गिरते दामों से रायपुर तहसील के किसान परेशान, उचित मूल्य की मांग
कृषि उपज मंडियों में लहसुन के असंतोषजनक भाव मिलने से किसानों की लागत निकालना हुआ मुश्किल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर।

रायपुर तहसील के खेजरपुर गांव में लहसुन की छंटाई और सफाई करते किसान (बाएं से दाएं) कन्हैयालाल दांगी, एक ग्रामीण और गोकुल दांगी।
रायपुर तहसील क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में लहसुन उत्पादक किसान इन दिनों बेहतर कीमत की उम्मीद में अपनी उपज को साफ-सुथरा और आकर्षक रूप में तैयार कर कृषि उपज मंडियों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन अतिरिक्त मेहनत और खर्च के बावजूद किसानों को उचित भाव नहीं मिल रहा। मंडियों में लगातार गिरते और असंतोषजनक दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
रायपुर तहसील क्षेत्र के खेजरपुर गांव निवासी किसान गोकुल दांगी एवं कन्हैयालाल दांगी ने बताया कि वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर लहसुन की सफाई का कार्य चल रहा है। किसान और मजदूर दिनभर मेहनत करके लहसुन के ऊपर और नीचे के डेंटल को साफ कर अच्छी क्वालिटी तैयार कर रहे हैं। एक व्यक्ति पूरे दिन में करीब 30 किलो लहसुन ही साफ कर पाता है। इसके बावजूद मंडियों में किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप दाम नहीं मिल रहे।
किसानों का कहना है कि पहले खेत से निकला लहसुन सीधे कृषि उपज मंडी पहुंचा दिया जाता था, लेकिन अब बाजार की मांग और बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में किसान अतिरिक्त श्रम और खर्च कर लहसुन को अलग-अलग क्वालिटी में तैयार कर रहे हैं। साफ-सुथरा और चयनित लहसुन अब सीधे अंतिम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच रहा है, जिससे गुणवत्ता को अधिक महत्व मिलने लगा है।
इसके बावजूद कृषि उपज मंडियों में संतोषजनक भाव नहीं मिलने से किसान आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती की बढ़ती लागत, मजदूरी और अतिरिक्त मेहनत के बाद भी यदि उपज का उचित मूल्य नहीं मिले तो किसान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जाएगी।
किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि कृषि उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों की मेहनत और लागत का सही सम्मान हो सके। लगातार बढ़ती मेहनत और घटते दामों के बीच लहसुन उत्पादक किसानों की चिंता अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डालने लगी है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
