ऑपरेशन ‘दिव्य प्रहार’ : झालावाड़ पुलिस का नशा माफियाओं पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक वार, 125 करोड़ की संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज
झालावाड़ पुलिस के “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” में नशा माफियाओं की अवैध कमाई पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 71 तस्करों और सहयोगियों की 125 करोड़ रुपये मूल्य की 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की गईं। अभियान में करोड़ों के मादक पदार्थ और वाहन जब्त कर तस्करों की आर्थिक जड़ें पूरी तरह कमजोर कर दी गईं।

झालावाड़। मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ राजस्थान में शायद पहली बार इतनी व्यापक, सुनियोजित और ऐतिहासिक कार्रवाई दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के कड़े निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” ने न सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक अपनी सीमाएं नहीं रखीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई का साम्राज्य भी ध्वस्त कर दिया है। जिस अवैध दौलत के दम पर नशा माफिया समाज में प्रभाव और भय का वातावरण रचते थे, वही अब कानून के शिकंजे में आ चुकी है।
पिछले कुछ महीनों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की MOB शाखा ने जिले में सक्रिय तस्करों और उनके सहयोगियों की अवैध चल-अचल संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया। इस सूचना को संबंधित थानाध्यक्षों के साथ साझा कर चरणबद्ध कार्यवाही शुरू की गई। गहन विश्लेषण और फील्ड इनपुट के आधार पर तस्करों की संपत्तियों की पहचान, आय के स्रोत की जांच और विधिक प्रक्रिया के तहत अग्रिम फ्रीजिंग की कार्रवाई की गई। इस अभियान की कमान स्वयं एसपी अमित कुमार ने संभाली, जबकि चार प्रशिक्षित पुलिस कार्मिकों—हेमन्त शर्मा, पिंकू मैरोठा, वीकेश शर्मा और नितेश यादव—की विशेष टीम ने गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को आकार दिया।
जांच के दौरान थानाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय तस्करों, उनके सहयोगियों और परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्तियों का सटीक चिन्हीकरण किया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मिलान कराया गया, जबकि पीडब्ल्यूडी ने संपत्तियों के मौजूदा बाजार मूल्य का त्वरित आकलन किया। प्रशासन और पुलिस के इस संयुक्त अभियान ने अभूतपूर्व परिणाम दिए।
पिछले तीन महीनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 71 तस्करों व उनके सहयोगियों की 107 संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इनमें आलीशान मकान, कृषि भूमि, कॉमर्शियल प्लॉट, दुकानें, एक पेट्रोल पंप और कई वाहन शामिल हैं। इन संपत्तियों का कुल अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 125 करोड़ रुपये आंका गया है। इसी अवधि में तस्करों से 17 किलो 129 ग्राम स्मैक, 6 किलो 690 ग्राम अफीम, 25 किलो 948 ग्राम गांजा, 2 किलो 109 ग्राम एमडी और 421 किलो 667 ग्राम डोडा-चूरा जब्त किया गया, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 395 करोड़ रुपये से अधिक है। तस्करी में प्रयुक्त 19 वाहन भी पुलिस ने कब्जे में लिए।
दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा इन संपत्तियों की फ्रीजिंग को विधिक मंजूरी मिलने के बाद अब कोई भी तस्कर अपनी अवैध आय से अर्जित संपत्ति को बेच, गिरवी रख या उपयोग नहीं कर सकेगा। यह कार्रवाई तस्करी के आर्थिक ढांचे को ध्वस्त कर देने वाली सिद्ध हो रही है।
एसपी अमित कुमार ने कहा कि “ऑपरेशन दिव्य प्रहार केवल गिरफ्तारियों का अभियान नहीं है, बल्कि यह उन तस्करों पर सबसे बड़ा प्रहार है जिन्होंने अवैध धन के लोभ में अनगिनत परिवारों को नशे के दलदल में झोंक दिया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों की आर्थिक रीढ़ तोड़ना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य था।
वहीं, चल रहे न्यायिक मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित थानाध्यक्षों को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया है, ताकि अदालत में साक्ष्यों का मजबूती से परीक्षण हो सके और दोषियों को कठोर सजा दिलाई जा सके।
यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि नशे के व्यापार से अर्जित अवैध संपत्तियां स्थायी नहीं होतीं। कानून एक दिन उन्हें छीन लेता है। “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” ने झालावाड़ में नशा माफियाओं के प्रभाव को जड़ से हिलाकर स्पष्ट कर दिया है कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी के लिए अब कोई स्थान नहीं है।
- ऑपरेशन दिव्य प्रहारझालावाड़ पुलिस कार्रवाईमादक पदार्थ तस्करी राजस्थानएसपी अमित कुमारएनडीपीएस एक्ट 68Fसंपत्ति फ्रीजिंग राजस्थाननशा माफिया कार्रवाईअवैध संपत्ति जब्तीJhalawar drug crackdownOperation Divya PraharNDPS Act freeze propertyJhalawar SP Amit Kumardrug mafia assets seizureRajasthan police actionillegal property freeze

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
