NGT का आदेश: कल्याण राय जी मंदिर कुंड में 3 महीने में लगाएं रिफ्लक्स वाल्व
एनजीटी ने झालावाड़ नगर पालिका को पवित्र कुंड में सीवेज बैकफ्लो रोकने हेतु पाइपलाइन बिछाने और 6 महीने में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का सख्त निर्देश दिया है।

झालावाड़ के श्री कल्याण राय जी मंदिर परिसर स्थित वह पवित्र कुंड जहाँ एनजीटी के आदेशानुसार सीवेज प्रदूषण रोकने के लिए नगर पालिका द्वारा रिफ्लक्स वाल्व युक्त नई पाइपलाइन डाली जाएगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल ने झालावाड़ स्थित श्री कल्याण राय जी मंदिर से सटे परिसर के पवित्र कुंड (तालाब) में लगातार गिरती जल-गुणवत्ता और प्रदूषण के मामले में नगर निकाय व संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
न्यायिक कार्यवाही और पक्ष
यह आदेश O.A. No. 135/2025 (CZ) "Shri Kalyan Rai Ji Mandir Samiti बनाम State of Rajasthan एवं अन्य" में 09.02.2026 को पारित किया गया।
- पीठ के सदस्य: माननीय न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह (ज्यूडिशियल मेंबर) और माननीय श्री सुधीर कुमार चतुर्वेदी (एक्सपर्ट मेंबर)।
- आवेदक के अधिवक्ता: मंदिर समिति की ओर से श्री कनिष्क देवेश शर्मा, अधिवक्ता के साथ श्री दीपक कुमार कोरी, अधिवक्ता ने पक्ष रखा।
प्रदूषण के मुख्य कारण और मंदिर समिति की चिंता
"आवेदक का कहना था कि मंदिर से लगा यह पवित्र जलस्रोत पहले धार्मिक-सांस्कृतिक उपयोग के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लिए भी शुद्ध जल का स्रोत था, लेकिन अब घरेलू सीवेज, डेयरी वेस्ट और नगरपालिकीय अपशिष्ट के कारण भारी प्रदूषित हो गया है।"
आवेदन में यह भी बताया गया कि अनियंत्रित शहरीकरण और नालों/ड्रेनेज की अव्यवस्थित व्यवस्था के चलते बिना उपचारित गंदगी सीधे कुंड में जा रही है, जिससे बदबू, अस्वच्छता, जैव-विविधता को नुकसान और जनस्वास्थ्य जोखिम बढ़े हैं। ट्रिब्यूनल ने इस मुद्दे को केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना।
संयुक्त समिति की रिपोर्ट और तकनीकी समस्या
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल के समक्ष संयुक्त समिति (Joint Committee) की तथ्यात्मक रिपोर्ट भी रखी गई, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मंदिर के कुंड में पानी निकटवर्ती सतही जल स्रोत गोमती सागर तालाब/गोमती तालाब से एक पुराने जल-चैनल के माध्यम से आता है।
- ओवरफ्लो पानी सड़क के पार स्थित खुले नगरपालिकीय नाले में निकलता है।
- बारिश के मौसम में इसी खुले नाले में सीवेज के साथ वर्षाजल जमा होने पर जलस्तर बढ़ता है।
- दबाव-भेद (pressure difference) के कारण नाले का दूषित पानी उल्टी दिशा में बहकर कुंड में प्रवेश कर जाता है, जिससे कुंड के पानी में बिना उपचारित सीवेज मिल जाता है।
संयुक्त समिति ने समाधान के तौर पर पाइपिंग सिस्टम के साथ 'रिफ्लक्स वाल्व' (बैकफ्लो रोकने वाला वाल्व) लगाने की सिफारिश की। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि नगर पालिका झालरापाटन ने 06.01.2026 के पत्र से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी।
एनजीटी के मुख्य निर्देश और समय सीमा
ट्रिब्यूनल ने जिला प्रशासन/नगर आयुक्त को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अनुपालन को सुनिश्चित करने और जल निकाय में बिना उपचारित पानी छोड़ने, कचरा/ठोस अपशिष्ट/प्लास्टिक डंपिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। पीठ ने यह भी कहा कि जल निकाय पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को नियमों के अनुसार हटाया जाए।
सबसे अहम तौर पर, खुले नाले से कुंड में सीवेज के बैकफ्लो को रोकने के लिए रिफ्लक्स वाल्व सहित पाइपलाइन/पाइपिंग सिस्टम लगाने का आदेश दिया गया और नगर पालिका झालरापाटन, जिला झालावाड़ को यह काम 3 महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया।
इसके अलावा अन्य निर्देश:
- नगर निगम/नगरपालिका (झालावाड़) को जल निकाय के पुनर्स्थापन (restoration) के लिए समयबद्ध एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया गया।
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड योजना की जांच करेगा और पर्यावरण नियमों के अनुपालन की निगरानी तथा आवश्यक कार्रवाई (पर्यावरणीय क्षति की गणना/वसूली सहित) करेगा।
- नगर पालिका झालावाड़ को 6 महीने के भीतर एनजीटी, सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल के रजिस्ट्रार के समक्ष ईमेल/वेबसाइट के माध्यम से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए।
उल्लंघन पाए जाने पर मामला पीठ के समक्ष रखे जाने का प्रावधान बताया गया। इन निर्देशों के साथ O.A. No. 135/2025 (CZ) का निस्तारण कर दिया गया।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
