झालावाड़: समाजसेवी मोहन लाल शर्मा का मरणोपरांत नेत्रदान, एक माह में तीसरी घटना
दिवंगत सेवानिवृत्त ग्राम सेवक के पुत्र पवन शर्मा की सहमति से शाइन इंडिया फाउंडेशन ने संपन्न कराया नेत्रदान, अब तक क्षेत्र में हुए कुल 17 दान।

झालरापाटन में दिवंगत समाजसेवी मोहन लाल शर्मा के पार्थिव शरीर से नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न करते शाइन इंडिया फाउंडेशन के सदस्य और शोकाकुल परिजन।
झालरापाटन। शहर के प्रमुख समाजसेवी परिवार के सदस्य और सेवानिवृत्त ग्राम सेवक मोहन लाल शर्मा की आकस्मिक मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र पवन शर्मा की सहमति से शाइन इंडिया फाउंडेशन व मंजुश्री संस्थान के सहयोग से नेत्रदान संपन्न हुआ। दिवंगत मोहन लाल शर्मा जीवन भर सामाजिक व धार्मिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने भारत विकास परिषद झालरापाटन, द्वारिकाधीश पुष्टि भक्ति सत्संग समिति, श्रीमन नारायण वृद्धाश्रम सेवा समिति और द्वारिकाधीश अन्न क्षेत्र समिति सहित कई संस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर लगाकर आमजन के हितार्थ कार्य किए थे।
पिता के संस्कारों को पुत्र ने आगे बढ़ाया
पिता के उच्च संस्कार उनके पुत्र में भी दृष्टिगोचर होते हैं। वर्तमान में भारत विकास परिषद के शाखा अध्यक्ष व सरकारी शिक्षक के तौर पर कार्यरत पवन शर्मा ने कुछ दिन पूर्व ही विद्यालय में आयोजित एक जागरूकता शिविर में नेत्रदान की प्रक्रिया को बारीकी से समझा था। उसी शिविर से प्रेरित होकर उन्होंने स्वेच्छा से अपने दिवंगत पिता के नेत्रदान के लिए डॉ. कुलवंत गौड़ से संपर्क किया और इस पुनीत कार्य को संपन्न कराया।
शिक्षित परिवार की सराहनीय पहल
नेत्रदानी मोहन लाल शर्मा के परिवार में एक पुत्र व चार पुत्रियां हैं, जो सभी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। इस दौरान नेत्रदान की प्रक्रिया को विजय मूंदड़ा, लोकेश जैन, महावीर जैन, मनीष जैन, अनिल गौतम, भूपेंद्र व अन्य परिजनों ने विस्तार से समझा। पुत्र पवन शर्मा ने संदेश देते हुए कहा कि "हम इस सामाजिक और नेक कार्य में अपना योगदान दे सकते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति द्वारा दान की गई एक आंख दो लोगों की दृष्टि को बहाल करने में सहायक हो सकती है।"
क्षेत्र में बढ़ रही है नेत्रदान के प्रति जागरूकता
शाइन इंडिया फाउंडेशन व मंजूश्री संस्थान के माध्यम से समाज में नेत्रदान के प्रति चेतना जाग्रत हो रही है। इसी का परिणाम है कि फरवरी माह में अब तक तीन और कुल मिलाकर अब तक 17 नेत्रदान संपन्न हो चुके हैं। यह उपलब्धि क्षेत्र में मानवीय सेवा की एक नई मिसाल पेश कर रही है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
