डीडवाना पंचायत समिति में मनरेगा घोटाला: मृत महिला को 1 साल 8 माह तक जीवित दर्शाकर भुगतान का खुलासा
डीडवाना पंचायत समिति के कोलिया ग्राम पंचायत में मृत महिला को सरकारी रिकॉर्ड में 15 जनवरी 2023 तक जीवित दिखाकर मनरेगा योजना में कार्य और भुगतान दर्ज किया गया। डिजिटल हाजिरी और दो मस्टर रोल के माध्यम से हुई यह प्रथम दृष्टया आपराधिक अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग और जवाबदेही की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

डीडवाना पंचायत समिति के अंतर्गत कोलिया ग्राम पंचायत में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें मृत महिला को सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दिखाकर मनरेगा योजना के तहत कार्य एवं भुगतान दर्ज किया गया। यह प्रथम दृष्टया सुनियोजित और आपराधिक लापरवाही का मामला प्रतीत होता है, जो प्रशासनिक, संवैधानिक और न्यायिक निर्देशों के स्पष्ट उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
मृतक महिला, मनोज (पत्नी भरत कुमार, निवासी कोलिया), जिनका निधन 20 मई 2021 को जयपुर के SMS हॉस्पिटल में हो गया था, उन्हें सरकारी अभिलेखों में 15 जनवरी 2023 तक जीवित दिखाया गया। इस अवधि के दौरान उनके नाम पर “अपना खेत, अपना काम” योजना के अंतर्गत कार्य और भुगतान दर्ज किया गया। रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि दो अलग-अलग मस्टर रोल—संख्या 29033 और 31759—में महिला की हाजिरी मोबाइल आधारित डिजिटल सिस्टम से दर्ज की गई, जिसे “Special Note” में भी स्पष्ट रूप से उजागर किया गया है।
मस्टर रोल संख्या 29033 में 16 दिसंबर 2022 से 31 दिसंबर 2022 तक की अवधि के लिए कार्य दर्ज था, जबकि मस्टर रोल संख्या 31759 में 1 जनवरी 2023 से 15 जनवरी 2023 तक की प्रविष्टि की गई। दोनों रिकॉर्ड में मोबाइल आधारित हाजिरी और डिजिटल सिग्नेचर का उल्लेख विशेष रूप से किया गया है।
कानूनी दृष्टिकोण से यह मामला और भी गंभीर है। सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन राज्य और उसके अधिकारियों द्वारा विश्वास के साथ रखा जाता है, और किसी भी प्रकार का दुरुपयोग सार्वजनिक विश्वास का उल्लंघन है। उच्च न्यायालयों के निर्णयों के अनुसार, मृत व्यक्ति के नाम पर भुगतान, फर्जी मस्टर रोल या झूठी रिकॉर्ड प्रविष्टि केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं बल्कि प्रथम दृष्टया आपराधिक कृत्य है। डिजिटल सिस्टम का दुरुपयोग इस घोटाले को और भी संगठित और गंभीर बनाता है।
विशेष रूप से, मृत महिला को 1 वर्ष 8 माह तक जीवित दिखाने, दो अलग-अलग मस्टर रोल और MB पृष्ठों में प्रविष्टि दर्ज करने और मोबाइल आधारित हाजिरी के माध्यम से भुगतान करने की स्थिति, मनरेगा अधिनियम, वित्तीय नियमों और संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 के तहत जवाबदेही के सिद्धांतों के विपरीत है।
प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी रिकॉर्ड निर्माण, डिजिटल प्रणाली के दुरुपयोग और संभवतः जवाबदेह अधिकारियों की मिलीभगत की ओर संकेत करता है। इस संदर्भ में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीत होती है।
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Pratahkal Bureau
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