झालावाड़, 24 दिसम्बर। मकर संक्रान्ति पर्व के अवसर पर पंतगबाजी के दौरान धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझे, जिन्हें आमतौर पर ‘चायनीज मांझा’ कहा जाता है, के उपयोग की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए पूरे जिले में इन मांझों के निर्माण, विपणन और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ के आदेश के अनुसार, धातु मिश्रित मांझे की धार और विद्युत-संचालक गुणों के कारण यह न केवल पक्षियों के लिए बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। इसके अतिरिक्त, इन मांझों के विद्युत तारों से संपर्क में आने पर पंतग उड़ाने वाले को भी विद्युत प्रवाह से चोट पहुँचने की संभावना रहती है और यह विद्युत आपूर्ति में बाधा डाल सकता है।

सुरक्षा और पक्षियों की रक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पंतगबाजी के लिए भी समय सीमाएँ तय की हैं। प्रातः 6 से 8 बजे तथा सायं 5 से 7 बजे तक पंतग उड़ाना निषिद्ध रहेगा। यह निषेधाज्ञा 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। धातु मिश्रित मांझों पर प्रतिबंध न केवल नागरिकों और पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्युत आपूर्ति में होने वाली व्यवधानों को भी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Pratahkal Bureau

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