झालावाड़। अखिल भारतीय गौ रक्षक महासंघ, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने जिले की गौशालाओं में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार की जांच हेतु पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गंभीर ज्ञापन सौंपा है। महासंघ ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में गौशालाओं को अनुदान के रूप में 3344 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान किए जाने के बावजूद, सैकड़ों गोवंश गायब हैं और गोपालन विभाग केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित है।

ज्ञापन में बताया गया है कि मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र की गौशालाओं में 12 करोड़ 50 लाख से अधिक की राशि का भुगतान किया गया, लेकिन इन राशि के बावजूद कई गौवंश गायब हैं। आरोप है कि गौशालाओं के भीतर अनुदान लेने के बाद भी कई गाय थाने और नगर के सब्जी मंडी सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर घूमती नजर आती हैं। महासंघ ने गोपालन विभाग और संबंधित अधिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें बिल व वाउचर निर्माण के जरिए सरकारी राशि का गबन शामिल है।

ज्ञापन में आगे कहा गया कि छोटे गोवंश के बछड़ों, घायल और बीमार पशुओं के लिए निर्धारित अनुदान भी सही ढंग से लागू नहीं किया गया। कई समितियों द्वारा दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बिल व वाउचर तैयार किए गए और अनुदान का निजी उपयोग किया गया। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया कि गौमाता की मृत्यु के बाद उनके धार्मिक और उचित समाधि की व्यवस्था नहीं की जा रही और नदी तथा आसपास के क्षेत्रों में मृत गौवंश की देखभाल तथा सम्मान की अनदेखी हो रही है।

महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष जांच टीम गठित कर, पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संगठन जांच प्रक्रिया में सभी आवश्यक साक्ष्य और सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक द्वारा जल्द कार्रवाई किए जाने की संभावना है, ताकि जिले में गोवंश संरक्षण और सरकारी अनुदानों के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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