झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़ा शिकंजा कसा है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिश्रोली थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। छान का खेड़ा गांव में हुई इस छापेमारी ने तस्करों के हौसलों को पस्त कर दिया है, जहां पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया, बल्कि आधुनिक हथियारों और तस्करी में प्रयुक्त होने वाले वाहनों के बेड़े को भी अपने कब्जे में लिया है। यह कार्रवाई जिले में सक्रिय ड्रग माफियाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हुई है।

इस पूरी घटना की पटकथा २१ जनवरी २०२६ को लिखी गई, जब मिश्रोली थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह को मुखबिर के जरिए छान का खेड़ा में मादक पदार्थों के बड़े स्टॉक की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने बिना समय गंवाए गोरधन सिंह के खेत और कुएं पर धावा बोल दिया। मौके पर पुलिस ने ९६.३०० किलो ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया, जिसे पीसने और पैक करने के लिए वहां इलेक्ट्रॉनिक कांटा और सिलाई मशीन भी रखी गई थी। पुलिस की इस दबिश के दौरान आरोपी गोरधन सिंह और शंभू सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अब पूरे जिले में जाल बिछा दिया गया है।

तलाशी के दौरान पुलिस को जो मिला, उसने तस्करी के इस खेल की गहराई को उजागर कर दिया। पुलिस ने मौके से एक निसान मैग्नाइट कार (RJ19CP5899) और एक बिना नंबर की हुंडई औरा कार के साथ-साथ एक फार्मटेक ट्रैक्टर जब्त किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन गाड़ियों के साथ सात अलग-अलग नंबर प्लेट्स भी बरामद हुई हैं, जिनका उपयोग पुलिस को भ्रमित करने के लिए किया जाता था। सुरक्षा के नाम पर तस्करों ने अपने पास एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी रखे थे, जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है। यह साफ जाहिर करता है कि ये तस्कर न केवल नशे का व्यापार कर रहे थे, बल्कि हथियारों के साथ किसी भी हिंसक वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार थे।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मिश्रोली थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह, सउनि भगवान लाल, कांस्टेबल घनश्याम, बलराम, सूरज, सचिन, रामनिवास, धुडाराम, मुकेश कुमार और हनुमान शामिल रहे। वहीं, पगारिया थानाधिकारी किशोर सिंह, हेड कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल किशनाराम और महिपाल सिंह ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस पूरी कार्यवाही में भवानीमंडी वृत्त कार्यालय के कांस्टेबल चालक अरविंद, अजय कुमार और मिश्रोली के कांस्टेबल सूरज की विशेष भूमिका रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा और वृताधिकारी प्रेमकुमार के मार्गदर्शन में हुई इस कार्यवाही ने स्पष्ट कर दिया है कि झालावाड़ पुलिस अवैध मादक पदार्थों और अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story