राजस्थान के झालावाड़ जिले में 21 अक्टूबर 2026 को प्रवेश करने जा रही लोकमंथन यात्रा-2026 के स्वागत और आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा के दौरान सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन के साथ जिले की लोक कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प को मंच प्रदान किया जाएगा। यात्रा की व्यवस्थाओं, प्रचार-प्रसार, स्वागत स्थलों के चयन और कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर गुरुवार को झालावाड़ शहर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कार्यक्रम संयोजक सीताराम गौड़ ने बताया कि देशभर सहित राजस्थान में सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के उद्देश्य से लोकमंथन-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का केंद्रीय विषय “हम भारत के लोग—लोक चेतना से लोक कल्याण की ओर” निर्धारित किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध लोक कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प को व्यापक मंच प्रदान करना तथा समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना है।

चित्तौड़ प्रांत में लोकमंथन यात्रा का विधिवत शुभारंभ 8 अक्टूबर 2026 को तीर्थराज पुष्कर से हुआ था। सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता को एक सूत्र में जोड़ने वाली यह यात्रा राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा का औपचारिक समापन झालावाड़ जिले के प्रभात ग्राम गुराड़ी में होगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा 21 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे झालावाड़ के पुराना मोटर गैराज चौराहा पहुंचेगी। यहां यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे राजकीय पीजी महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में पारंपरिक ग्रामीण खेलकूद और लोक कलाओं से जुड़े मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न संगठनों के सहयोग से शैक्षणिक, वैचारिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी।

आयोजन के तहत अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) की ओर से शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ऐतिहासिक स्थलों का अध्ययन भ्रमण कराएगी, जबकि अधिवक्ता परिषद की ओर से संविधान परिचर्चा आयोजित होगी। संस्कृत भारती और विद्या भारती के सहयोग से बाल मंथन एवं विद्यालयीन गतिविधियां होंगी। विज्ञान भारती विज्ञान विषयक प्रदर्शनी लगाएगी, वहीं संस्कार भारती की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

लोकमंथन यात्रा के स्वागत और विभिन्न आयोजनों की तैयारियों को लेकर स्थानीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों में उत्साह है। बैठक में सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुसार यात्रा के सुचारू संचालन, स्वागत व्यवस्था और निर्धारित कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले की लोक परंपराओं, कला और धरोहर को जन-जन से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह यात्रा सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रीय चेतना के संदेश को आगे बढ़ाएगी।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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