डग पंचायत समिति के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पंचायत समिति से लेकर जिला परिषद तक की चुप्पी और संरक्षण के बीच, जांच रिपोर्ट्स और वीडियो सबूतों से पता चला है कि कई ग्राम पंचायतों में मजदूरों की हाजिरी केवल एक ही फोटो के माध्यम से दर्ज कर के भुगतान किया जा रहा था।

ग्राम पंचायत कोलवी (राजेंद्रपुर), लोहारिया, रोजाना, रवानगुड़ी, रणायरा, परी पीपल, पाडालिया, कुमटिया और सुनारी में यही खेल सामने आया। उदाहरण के लिए, ग्राम पंचायत कोलवी में 1 नवंबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक के पखवाड़े में लगभग 55 लाख रुपए का भुगतान केवल फोटो के आधार पर किया गया। इसी तरह, लोहारिया में 50 लाख रुपए, रवानगुड़ी में 30 लाख रुपए, रणायरा में 30 लाख रुपए और परी पीपल में 300 मजदूरों की हाजिरी एक ही फोटो से दर्ज कर करोड़ों का भुगतान किया गया।

सूत्रों के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति के अधिकारी इन अनियमितताओं में कथित रूप से संलिप्त हैं। जिला परिषद डग पंचायत समिति पर मेहरबान नजर आ रही है और बाहर से आने वाली जांच एजेंसियों को पंचायत समिति तक पहुंचने ही नहीं दिया जा रहा। आसपास की अन्य पंचायत समितियों में ही जांच करवा कर मामलों को सीमित कर दिया जाता है।

इस पूरे खेल में मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज नहीं की गई, दोपहर बाद की हाजिरी तक नहीं ली गई, बावजूद इसके भुगतान हो गया। कुछ पंचायतों में केवल 10-15 लोगों की उपस्थिति दर्ज कर पूरे 100 से अधिक मजदूरों का भुगतान कर दिया गया। पूर्व में भी बच्चों की फोटो के आधार पर भुगतान का मामला सामने आ चुका था, लेकिन श्रम कल्याण विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, डग क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 5000 मजदूर चल रहे थे, लेकिन खबर के प्रकाशन के बाद संख्या घटकर 5–700 रह गई। यह संकेत करता है कि पिछले 6 महीनों में लगभग 4500 मजदूर फर्जी तरीके से सिस्टम में दर्ज थे और उनका भुगतान किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पूरे पांच वर्षों की जांच की जाए तो डग क्षेत्र में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार सामने आ सकता है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में किए गए ग्रेवल रोड, नई तलाई खुदाई और स्ट्रेंज निर्माण कार्यों में भी भुगतान हुए, जबकि मौके पर कार्य का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

इस प्रकार, डग पंचायत समिति में मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की तस्वीर स्पष्ट है, जो न केवल वित्तीय अनियमितताओं को दर्शाती है बल्कि ग्रामीण विकास की वास्तविकता और सरकारी निगरानी की कमी को भी उजागर करती है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story