जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कामखेड़ा बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालु इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। मंदिर परिसर और उससे जुड़े मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण तथा बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को प्रभावित कर दिया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर दर्शन के लिए पहुंचने वाले लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन मंदिर तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर किए गए अतिक्रमणों ने रास्ते को संकरा बना दिया है। इसके साथ ही सड़क किनारे और मंदिर प्रवेश द्वार के आसपास अव्यवस्थित रूप से खड़े दोपहिया वाहनों के कारण मार्ग और अधिक बाधित हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मंगलवार, शनिवार और अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो जाती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद कई लोग अपने वाहन निर्धारित स्थानों पर खड़े करने के बजाय मुख्य मार्ग और प्रवेश द्वार के आसपास खड़े कर देते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और दर्शनार्थियों की आवाजाही बाधित होती है।

समस्या को और बढ़ाने में अस्थायी दुकानों तथा अतिरिक्त अतिक्रमण की भी भूमिका बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर पैदल चलने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। इससे भीड़भाड़ के दौरान अव्यवस्था का माहौल बन जाता है और श्रद्धालुओं को असुविधा झेलनी पड़ती है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। कई बार अत्यधिक भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर तथा मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि समय रहते उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई तो हजारों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सकेगा तथा मंदिर क्षेत्र की गरिमा भी बनी रहेगी।

Pratahkal Bureau

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