झालरापाटन। सूर्य के तीखे तेवरों और भीषण गर्मी के प्रचंड प्रकोप के बीच झालरापाटन में मुस्लिम समाज द्वारा मानवता और सामाजिक सरोकार की एक अनूठी व सराहनीय मिसाल पेश की गई है। झुलसाने वाली धूप और तपन से बेहाल आमजन, राहगीरों तथा मुसाफिरों को तात्कालिक राहत पहुंचाने के पुनीत उद्देश्य से मदरसा मदिनतुल उलूम मस्जिद टेक वाली, झालरापाटन की जानिब से स्थानीय बस स्टैंड परिसर में एक वृहद जनसेवा एवं खिदमत के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन के अंतर्गत वहां से गुजरने वाले प्रत्येक यात्री, राहगीर और आम नागरिकों को कड़े पहरे जैसी गर्मी में शीतल पेय, ठंडा शर्बत व शुद्ध पेयजल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई गई और चिलचिलाती धूप से झुलसते लोगों को बड़ी राहत प्रदान की गई।

इस मानवीय सेवा कार्य के दौरान समूचे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर इस पुण्य कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। तपती दोपहरी में ठंडा और मीठा शर्बत पीकर मुसाफिरों व यात्रियों ने न केवल आत्मिक तृप्ति और परम राहत महसूस की, बल्कि मुस्लिम समाज द्वारा संकट के इस मौसम में किए गए इस अत्यंत संवेदनशील व परोपकारी कार्य की मुक्त कंठ से भूरि-भूरि सराहना भी की। इस पूरे सेवा कार्यक्रम की सबसे उत्कृष्ट और अनुकरणीय विशेषता यह रही कि इसमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही समाजों के नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर, आपसी मतभेदों से परे होकर पूरी आत्मीयता के साथ जनता की सेवा की। सामूहिक रूप से किए गए इस सेवा कार्य ने समाज में गहराती कौमी एकता, अटूट भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का एक अत्यंत सुदृढ़ व सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है।

इस गरिमामयी मानवीय आयोजन के अवसर पर क्षेत्र की कई प्रमुख व गणमान्य विभूतियां प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहीं, जिनमें मौलवी अब्दुल अजीज, शहर काजी अली असगर, मोहम्मद याकूब, नरेंद्र राठौड़ प्रिंस, अशोक, अशरू भाई, हाजी अली हुसैन, मोहम्मद खालिद, नदीम मंसूरी, मोहम्मद कासिम भट्टी, मोहम्मद पठान, अन्नू भाई अंसारी, शेरू अंसारी, बाबू अंसारी, सुहेल अंसारी, प्रिंस, अयाज अंसारी, इब्राहिम पटेल, अनीस अंसारी, जाकिर तंवर, रईस रंगरेज, बरकत भाई, इस्माइल अंसारी, अली अंसारी, मज्जू भाई, सोनू, कोमल और दीपक सुमन सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक शामिल थे। भीषण प्राकृतिक प्रकोप के समय समाज के सभी वर्गों द्वारा मिलकर किया गया यह सेवा प्रयास न केवल पीड़ित मानवता को संबल प्रदान करता है, बल्कि यह सिद्ध करता है कि आपसी सद्भाव और सेवा की भावना ही भारतीय समाज की वास्तविक और अटूट धरोहर है।

Suresh Momiya, Jhalawar

Suresh Momiya, Jhalawar

नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय


परिचय

सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • दैनिक बढ़ता राजस्थान
  • दैनिक कोटा ब्यूरो
  • दैनिक दो गज दूरी

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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