डायलिसिस मशीन विवाद पर उठे सवाल: ज्ञापन की मंशा पर चर्चा, व्यापार संगठनों में चुनाव टालने के आरोप
झालरापाटन में डायलिसिस मशीन को लेकर दिए गए ज्ञापन पर सवाल उठे हैं। सीएमएचओ के बयान के बाद अब व्यापार संगठनों में चुनाव और राजनीतिक मंशा पर भी चर्चा तेज है।

झालरापाटन सेटेलाइट अस्पताल और जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीन को लेकर दिए गए एक ज्ञापन के बाद अब उसकी मंशा और तथ्यों को लेकर नगर में चर्चा तेज हो गई है। नगर के कई लोगों का दावा है कि जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीन नियमित रूप से संचालित हो रही है और मरीजों को लगातार उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि कभी तकनीकी कारणों से अस्थायी बाधा आती है तो उसे ठीक कर सेवा दोबारा शुरू कर दी जाती है।
झालावाड़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद ने भी स्पष्ट किया है कि डायलिसिस मशीनें चालू हैं तथा मरीजों को नियमित सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेटेलाइट अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के प्रयास लगातार जारी हैं।
इसी बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब स्वास्थ्य विभाग स्वयं मशीनों के संचालन की बात कह रहा है, तब बिना पुष्टि किए तथ्यों के आधार पर ऐसे प्रेस नोट और ज्ञापन जारी करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। नगर में चर्चा है कि कुछ तथाकथित स्वयंभू नेता, जो व्यापार सेवा समिति और कपड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष पद पर वर्षों से कुंडली मारकर बैठे हैं, अपने कार्यकाल समाप्त होने के कई वर्ष बाद भी चुनाव कराने का नाम नहीं ले रहे हैं।
नगर के व्यापारियों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा है। उनका कहना है कि यदि लोकतंत्र की इतनी चिंता है तो पहले अपने संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए। व्यापारियों का सवाल है कि चुनाव कराने के बजाय लगातार प्रेस नोट जारी करना जनसेवा है या केवल राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखने का प्रयास।
नगर में यह भी चर्चा है कि जनता अब जवाबदेही चाहती है। व्यापारियों की अपेक्षा है कि वर्षों से लंबित चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही उनका मानना है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर झूठी राजनीति करने से कोई फायदा नहीं मिल सकता।
नगरपालिका चुनाव नजदीक आने के बीच राजनीतिक चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है। चर्चा यह भी है कि बीजेपी की बी टीम, जिसे डी कम्पनी के नाम से जाना जाता है, पर पांच साल में रिकॉर्ड लूट दर्ज करवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित लोग एक बार फिर नगरपालिका में अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं, जबकि शहर की जनता इस काली भूरी गैंग से नाराज बताई जा रही है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
