झालावाड़ पुलिस ने 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन से एक बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार कर नाबालिग को सकुशल दस्तयाब किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध रूप से भारत में रह रहा था। आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए राजस्थान के झालावाड़ जिले का फर्जी पता दर्ज कर आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड भी बनवा लिया था।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 12 जून 2026 को परिवादी ने थाना झालरापाटन में अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाने के संबंध में आदित्य विश्वास के विरुद्ध मुकदमा संख्या 138/2026 धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सुनेल, स्टलाई, भवानीमंडी, सोयत, उज्जैन और इंदौर सहित कई स्थानों पर तलाश अभियान चलाया।

अनुसंधान के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी आदित्य विश्वास नाबालिग लड़की को ट्रेन के जरिए कोलकाता ले जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भांगचंद मीणा तथा वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा के निर्देशन में थाना प्रभारी श्रीमती अल्का विश्नोई के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। नाबालिग की शीघ्र बरामदगी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।

तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इंदौर से ट्रेन में सवार हुआ है। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल को आरोपी और नाबालिग के फोटो उपलब्ध कराए गए। झालावाड़ पुलिस ने ट्रेन की पहचान कर इंदौर पहुंचकर पीछा किया और आखिरकार 5 मई 2026 को प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की मदद से नाबालिग और आरोपी को दस्तयाब कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने पहले अपना नाम आदित्य विश्वास निवासी सलोतिया थाना सुनेल जिला झालावाड़ बताया, लेकिन पुलिस को संदेह होने पर उससे और उसके परिवार के बारे में गहन पूछताछ की गई। जांच में उसका वास्तविक नाम स्वपनी विश्वास पुत्र बादल विश्वास निवासी गांव कुशिया मोरा कुलिया, वासील मागोरा सदर थाना सदर मागोरा जिला खुलना, बांग्लादेश होना सामने आया। आरोपी ने बताया कि वह एक परिचित के माध्यम से झालावाड़ आया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2004 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रह रहा था। उसने अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाने के उद्देश्य से आधार कार्ड अपडेट करवाकर सजोतिया, झालावाड़ का पता दर्ज कराया और निर्वाचन कार्ड भी बनवा लिया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और दस्तावेज तैयार कराने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

अनुसंधान में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी का परिवादी की नाबालिग पुत्री से संपर्क हो गया था। वह फोन पर उससे लगातार बातचीत करता था और कई बार मुलाकात भी कर चुका था। पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर बांग्लादेश ले जाने की योजना बना चुका था। वह ट्रेन के जरिए नाबालिग को कोलकाता ले जा रहा था, जहां से उसे बांग्लादेश पहुंचाने की साजिश थी।

गिरफ्तार आरोपी स्वपनी विश्वास पुत्र बादल विश्वास निवासी गांव कुशिमा मौरा कुलिया तहसील मागोरा सदर थाना सदर मागोरा जिला खुलना, बांग्लादेश से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को भारत में अवैध रूप से रहने, पहचान छुपाने और दस्तावेज बनवाने में किस-किस ने सहयोग किया।

कार्रवाई में थाना झालरापाटन की थानाधिकारी श्रीमती अल्का विश्नोई, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, सहायक उपनिरीक्षक श्यामसुंदर, हैड कांस्टेबल महेंद्र कुमार, कांस्टेबल रवि सेन सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने टीम के अथक प्रयास, तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

Pratahkal Bureau

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