झालावाड़ में कांग्रेस का परचम, झालरापाटन में वसुंधरा राजे की मेहनत से भाजपा का बोर्ड
झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया, जबकि झालरापाटन में भाजपा ने 22 सीटों के साथ बोर्ड बनाया। AAP ने भी 5 सीटें जीतीं।

हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों ने झालावाड़ जिले के राजनीतिक समीकरणों में हलचल बढ़ा दी है। भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झालावाड़ नगर परिषद पर पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा कर लिया। वहीं, झालरापाटन नगर पालिका में भाजपा ने 22 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल करते हुए बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की।
झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की बड़ी जीत को राज्य में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके विपरीत झालरापाटन में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पिछले बोर्ड में कांग्रेस के पास 14 सीटें थीं, लेकिन इस बार पार्टी को महज 8 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
इन चुनावों में पहली बार चुनावी समर में उतरी आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा। आप ने 5 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना खाता खोला और राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।
स्थानीय समीकरणों और चुनावी विशेषज्ञों के अनुसार, झालरापाटन में आम आदमी पार्टी ने सीधे तौर पर कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाई। स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि यदि मतों का विभाजन नहीं हुआ होता या चुनावी समझौते की स्थिति बनती, तो कांग्रेस झालरापाटन में भी बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच सकती थी।
झालावाड़ जिले के इस जनादेश से निकाय राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले और नए राजनीतिक विकल्पों के प्रभाव के संकेत मिले हैं। चुनाव परिणामों ने झालावाड़ नगर परिषद और झालरापाटन नगर पालिका में अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर सामने रखी है।
जानकारों का कहना है कि जो व्यक्ति किंगमेकर बनकर मालाएं पहनकर बाजारों में झूठी वाहवाही बटोर रहा है, उसकी भूमिका को लेकर चुनाव के दौरान अलग तस्वीर सामने आई। उनके अनुसार, इस चुनाव में क्षेत्रीय विधायक वसुंधरा राजे की भूमिका रही, जिन्होंने लगातार फोन के माध्यम से जनता और कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहते हुए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चुनाव परिणामों में स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उलटफेर भी देखने को मिले। निवर्तमान चेयरमैन वर्षा चादवाड के वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी की विजय हुई। वहीं कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष अम्बेश मीणा को करारी हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के वार्ड से भाजपा प्रत्याशी विजयी रहा। वहीं नेता प्रतिपक्ष को भी हार का सामना करना पड़ा।
इन परिणामों ने झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की बहुमत के साथ वापसी और झालरापाटन में भाजपा की मजबूत स्थिति को सामने रखा है, जबकि आम आदमी पार्टी ने 5 सीटें जीतकर स्थानीय निकाय की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

Suresh Momiya, Jhalawar
नाम: सुरेश कुमार गोयल (मोमिया)
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: झालरापाटन, जिला झालावाड़ (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषय
परिचय
सुरेश कुमार गोयल (मोमिया) राजस्थान के झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' में सीनियर पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वह झालरापाटन और झालावाड़ जिले से जुड़ी राजनीति, अपराध (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न प्रकार की क्षेत्रीय और जनहित की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के साथ-साथ निम्नलिखित समाचार पत्रों के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- दैनिक बढ़ता राजस्थान
- दैनिक कोटा ब्यूरो
- दैनिक दो गज दूरी
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
